Delhi-NCR में Petrol, Diesel और CNG कमर्शियल वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध, CAQM ने किया ऐलान

Kittu Kumari21 August 20262 min read118 viewsNCR
Delhi-NCR में Petrol, Diesel और CNG कमर्शियल वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध, CAQM ने किया ऐलान

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में प्रदूषण को कम करने के लिए Commission for Air Quality Management (CAQM) ने एक बड़ा फैसला लिया है। CAQM ने पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले नए N1 और N2 कैटेगरी के कमर्शियल लाइट गुड्स वाहनों पर चरणबद्ध (phased) तरीके से रजिस्ट्रेशन बैन लगाने की घोषणा की है। यह फैसला 18 अगस्त 2026 को हुई 29वीं फुल कमीशन मीटिंग में मंजूर किया गया था, जिसकी अध्यक्षता राजेश वर्मा ने की थी। यह निर्णय Delhi Electric Vehicle Policy 2026 के अनुसार है, जो मार्च 2030 तक लागू रहेगी। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लगातार बने हुए वायु प्रदूषण से मुकाबला करना है।

N1 कैटेगरी के वाहनों पर कब और कहां लगेगा बैन

नए आदेश के तहत, 3,500 किलोग्राम तक के वजन वाले N1 कैटेगरी के हल्के मालवाहक वाहनों का रजिस्ट्रेशन 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके बाद, यह प्रतिबंध गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे अधिक वाहन घनत्व (high-vehicle-density) वाले NCR जिलों में 1 जुलाई 2027 से लागू होगा। बाकी बचे NCR जिलों में N1 पेट्रोल और डीजल वाहनों पर बैन 1 जनवरी 2028 से शुरू होगा, हालांकि उन क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक और CNG N1 वाहन अभी भी चलेंगे।

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N2 कैटेगरी के भारी वाहनों के लिए प्रतिबंध की समयसीमा

3,500 से 7,500 किलोग्राम वजन वाले N2 कैटेगरी के भारी वाहनों के लिए सख्त नियम अलग समय पर लागू होंगे। दिल्ली में यह बैन 1 जनवरी 2028 से, अधिक घनत्व वाले NCR जिलों में 1 जुलाई 2028 से और बाकी NCR क्षेत्रों में 1 जनवरी 2029 से शुरू होगा। CAQM के सदस्य सचिव तरुण पिथोड़े ने बताया कि ये नीतियां एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट और सोर्स अपोर्शनमेंट स्टडी पर आधारित हैं। इन स्टडीज से पता चलता है कि हल्के मालवाहक वाहन क्षेत्र की कुल सक्रिय वाहन संख्या का सिर्फ 1.2% हैं, लेकिन कुल PM2.5 एमिशन का लगभग 3.3% हिस्सा इन्हीं का है। तरुण पिथोड़े ने इस बात पर जोर दिया कि यह चरणबद्ध तरीका आउटर NCR क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

खरीद पर मिलने वाले इंसेंटिव और छूट

इस बदलाव में मदद करने के लिए दिल्ली सरकार N1 इलेक्ट्रिक ट्रकों पर 1 लाख रुपये तक का परचेस इंसेंटिव और 50,000 रुपये का स्क्रैपिंग बोनस दे रही है। इसके अलावा, 10 अक्टूबर 2026 तक N2 कैटेगरी में रजिस्टर्ड होने वाले पहले 1,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों को शहरी 'नो-एंट्री' समय प्रतिबंधों से 10 साल की छूट दी जाएगी।

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