दिल्ली में सुरक्षा सख्त: 221 CAPF कंपनियों की तैनाती 30 दिन के लिए बढ़ाई गई

राजधानी दिल्ली में कानून व्यवस्था को बनाए रखने और त्योहारों के सीजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने दिल्ली में तैनात 221 CAPF कंपनियों की अवधि को अगले 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया, जिसमें शहर की सुरक्षा स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों को ऐसी खुफिया जानकारियां मिली हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), भीम आर्मी और कई छात्र संगठन एक बार फिर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं। विशेष रूप से जंतर मंतर और भारत के चुनाव आयोग के मुख्यालय के पास प्रदर्शनों की आशंका है, जहां प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इन संभावित तनावों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय से 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने का अनुरोध भी किया था।
26 हजार जवान संभालेंगे मोर्चा, संवेदनशील इलाकों पर रहेगी नजर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा के इस पुख्ता इंतजाम में CRPF, SSB, RAF, ITBP और CISF जैसी विभिन्न इकाइयों के लगभग 26,000 जवान शामिल हैं। इन जवानों का मुख्य काम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना, संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा करना और संसद तथा मध्य दिल्ली के प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी तरह की अनधिकृत एंट्री को रोकना होगा।
बता दें कि इससे पहले 6 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। हालिया तनावपूर्ण स्थितियों के दौरान प्रशासन को कई कड़े कदम उठाने पड़े, जिसमें 45 से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करना, शहर की सीमाओं पर सघन चेकिंग करना और हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शामिल था। अब इन अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद से दिल्ली पुलिस राजधानी में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करेगी।