सुरक्षा कारणों से दिल्ली में CAPF की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ी

सुरक्षा कारणों और आगामी रैलियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में CAPF कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है।

Kittu Kumari30 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
सुरक्षा कारणों से दिल्ली में CAPF की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ी

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली में तैनात 270 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कंपनियों की अवधि को 16 नवंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। त्योहारों के सीजन और संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यह अनुरोध किया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि इस महीने में यह तीसरी बार है जब सुरक्षा बलों की तैनाती की समय सीमा बढ़ाई गई है।

इस भारी-भरकम तैनाती में अलग-अलग बलों को शामिल किया गया है। इसमें सीआरपीएफ (CRPF) की 125 कंपनियां (जिनमें 17 महिला यूनिट शामिल हैं), बीएसएफ (BSF) की 46, आईटीबीपी (ITBP) की 39, सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 31, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 20 और सीआईएसएफ (CISF) की 12 कंपनियां तैनात रहेंगी। इन सभी बलों के संचालन और समन्वय की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की होगी।

रैलियों और विरोध प्रदर्शनों को लेकर हाई अलर्ट

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सुरक्षा बढ़ाने के पीछे एक मुख्य कारण 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में होने वाली 'INDIA गठबंधन' की रैली है। इस कार्यक्रम के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मैदान के उपयोग की अनुमति दी गई है। दिल्ली पुलिस को उम्मीद है कि इस रैली में करीब 50,000 लोग शामिल होंगे, जिसके मद्देनजर भीड़ नियंत्रण के लिए लगभग 3,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मैदान की सुरक्षा को लेकर बेहद बारीकी से प्लानिंग की गई है। पूरे आयोजन स्थल को 14 जोन में बांटा गया है, और हर जोन की निगरानी एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रैंक के अधिकारी करेंगे। निगरानी के लिए 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, बॉडी-वर्न कैमरे और स्पेशल मॉनिटरिंग वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे सीसीटीवी फुटेज के लिए कंट्रोल रूम बनाएं और पर्याप्त वॉलंटियर्स तैनात करें। साथ ही, महिलाओं के लिए अलग सुविधाओं और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन ने आयोजकों को सख्त हिदायत दी है कि वे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें और किसी भी तरह के भड़काऊ भाषणों से बचें। इसके अलावा, 30 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित 'पीपल्स इमपीचमेंट' कार्यक्रम को देखते हुए भी सुरक्षा अलर्ट पर रखी गई है।

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