विरोध का हक सही पर रोजी-रोटी पर न हो असर, CAIT ने LG से मांगी अलग जगह
दिल्ली के व्यापारियों ने LG को पत्र लिखकर मांग की है कि विरोध प्रदर्शनों के लिए शहर के बाहरी इलाकों में अलग स्थल तय किए जाएं।

दिल्ली में पिछले एक महीने से जारी राजनीतिक गतिविधियों और प्रदर्शनों के कारण व्यापार जगत में काफी हलचल है। व्यापारियों के बड़े संगठन 'कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (CAIT) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। CAIT ने दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर मांग की है कि शहर के बाहरी इलाकों में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक आंदोलनों के लिए विशेष स्थल निर्धारित किए जाएं।
संगठन का कहना है कि दिल्ली देश का एक प्रमुख व्यापारिक और वितरण केंद्र है, जहां हर दिन औसतन 2,200 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। लेकिन पिछले एक महीने में करीब 14 दिन ऐसे रहे जब प्रदर्शनों और ट्रैफिक जाम की वजह से व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह बाधित रहीं। इसका सीधा असर थोक बाजारों, छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स और होटल व्यवसाय पर पड़ा है, जिससे लाखों व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
लोकतंत्र और आजीविका के बीच संतुलन की मांग
CAIT ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक और संगठन का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इस अधिकार की आड़ में लाखों लोगों की रोजी-रोटी और व्यापार के मौलिक अधिकार को बाधित नहीं किया जा सकता। संगठन का मानना है कि विरोध प्रदर्शनों के लिए शहर के बाहरी इलाकों में जगह तय होने से राजनीतिक रैलियां और धरने भी हो सकेंगे और आम नागरिकों व व्यापारियों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आएगी।
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने कहा कि दिल्ली का व्यापारिक समुदाय इस पूरी स्थिति से काफी नाराज है। उन्होंने बताया कि दिवाली के बाद दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों की एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस समस्या पर विस्तार से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। भरतिया ने उम्मीद जताई है कि त्योहारों के बाकी दिनों में व्यापारी बिना किसी डर और ट्रैफिक जाम के अपना काम कर सकेंगे।
अंत में पत्र के जरिए यह जोर दिया गया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, लेकिन किसी के विरोध के कारण दूसरों की आजीविका छिनना स्वीकार्य नहीं है। दिल्ली की अर्थव्यवस्था और लाखों परिवारों के हितों की सुरक्षा करना भी उतना ही जरूरी है।