दिल्ली में प्रदर्शनों के लिए अलग जोन बनाने की मांग, CAIT ने LG को लिखा पत्र
CAIT ने दिल्ली LG से प्रदर्शनों के लिए शहर के बाहरी इलाकों में अलग जोन बनाने की मांग की है ताकि व्यापार प्रभावित न हो।

राजधानी दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ से व्यापार पर पड़ने वाले असर को देखते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने एक बड़ा कदम उठाया है। CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर मांग की है कि शहर के बाहरी इलाकों में प्रदर्शनों के लिए विशेष जोन निर्धारित किए जाएं। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान जरूरी है, लेकिन यह आम जनता की रोजी-रोटी और व्यापारिक स्थिरता की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
CAIT ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि दिल्ली देश का एक महत्वपूर्ण वितरण और व्यापारिक केंद्र है, जहां हर दिन देशभर से लाखों व्यापारी खरीदारी के लिए आते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में रोजाना लगभग 2,200 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। हालांकि, पिछले एक महीने के दौरान लगभग 14 दिन ऐसे रहे जब प्रदर्शनों के कारण व्यापारिक गतिविधियों में भारी रुकावट आई। इसका सीधा असर थोक और खुदरा बाजारों, छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स, ट्रांसपोर्ट सेवाओं और होटल व्यवसाय पर पड़ा है।
व्यापार और लोकतंत्र के बीच संतुलन की जरूरत
संगठन ने पत्र में जोर देते हुए कहा है कि विरोध करने का अधिकार शहर को पूरी तरह ठप करने का अधिकार नहीं बन सकता। उसी तरह, लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल के चक्कर में व्यापार करने के अधिकार की बलि नहीं दी जा सकती। CAIT ने इस मुद्दे पर अक्टूबर के अंत में एक ऑनलाइन अभियान भी चलाया था ताकि प्रदर्शन स्थलों को शहर के बाहर स्थानांतरित करने के लिए समर्थन जुटाया जा सके।
अब CAIT ने योजना बनाई है कि दिवाली के त्योहार के बाद दिल्ली के विभिन्न व्यापारिक संगठनों और प्रमुख बिजनेस लीडर्स की एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान स्थिति का आकलन करना और एक ऐसी सामूहिक रणनीति तैयार करना होगा जिससे भविष्य में राजधानी की व्यावसायिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के चलती रहें।