CAG Report: दिल्ली सरकार की पावर सब्सिडी और ई-प्रोक्योरमेंट योजनाओं में भारी खामियां उजागर, रिपोर्ट विधानसभा में पेश

Kittu Kumari8 August 20262 min read39 viewsDelhi Local
CAG Report: दिल्ली सरकार की पावर सब्सिडी और ई-प्रोक्योरमेंट योजनाओं में भारी खामियां उजागर, रिपोर्ट विधानसभा में पेश

दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा पेश की गई CAG Report में दिल्ली सरकार की पावर सब्सिडी योजना और ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम में बड़ी कमियों का खुलासा हुआ है। इस ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक की अवधि को शामिल किया गया है।

  • CAG रिपोर्ट में पावर सब्सिडी और ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम में गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है।
  • साल 2019 से 2023 के बीच बिना किसी बिजली खपत वाले dormant connections को 42 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी गई।
  • ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम में बिना अनिवार्य PAN विवरण के 66 bidders रजिस्टर्ड पाए गए।
  • विभिन्न विभागों में 220.59 करोड़ रुपये की टैक्स और फीस संबंधी अनियमितताएं सामने आई हैं।
  • पावर सब्सिडी योजना में कमियां और वित्तीय आंकड़े

    CAG रिपोर्ट के अनुसार, पावर सब्सिडी नीति योग्य और गरीब वर्ग तक सही से नहीं पहुंच पाई और इसने लगभग पूरे घरेलू उपभोक्ता बेस को कवर कर लिया। यह योजना अगस्त 2019 में शुरू हुई थी और 1 अक्टूबर 2022 से उपभोक्ताओं के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 से 2023 के बीच बिना बिजली खपत वाले dormant connections को 42 करोड़ रुपये से अधिक की पावर सब्सिडी दी गई।

    सब्सिडी का खर्च 2019-20 में 2,405.59 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 3,161 करोड़ रुपये हो गया। अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को प्रति कनेक्शन ज्यादा सब्सिडी मिली। उदाहरण के लिए, 201-400 यूनिट इस्तेमाल करने वालों को 200 यूनिट तक खपत करने वालों की तुलना में औसतन 70% अधिक वार्षिक सब्सिडी मिली। CAG ने फंड के इस्तेमाल और सत्यापन के लिए एक ट्रांसपेरेंट मैकेनिज्म की सिफारिश की है और पहले की सिफारिशों के बावजूद discoms के जरिए सब्सिडी देने पर सवाल उठाया है।

    ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम और टैक्स अनियमितताएं

    ऑडिट में ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम की कमियां भी सामने आईं, जिसमें 66 bidders बिना अनिवार्य PAN विवरण के रजिस्टर्ड थे और इनमें से 12 ने 28 valid bids में हिस्सा लिया था। इसके अलावाregistrations में जन्मतिथि का विवरण न होना, superannuation के बाद departmental users का लॉग इन करना, और technical evaluation से पहले financial packets का डिक्रिप्ट होना जैसी कमियां शामिल थीं।

    विभिन्न विभागों में 145 मामलों में कुल 220.59 करोड़ रुपये की टैक्स और फीस से जुड़ी अनियमितताएं पाई गईं, और इनमें से किसी भी विभाग ने ऑडिट के नतीजों पर जवाब नहीं दिया। DSIIDC को 2006 में Gems and Jewellery Park और Fashion Design Hub के लिए खरीदी गई जमीन पर 29.45 करोड़ रुपये का "unfruitful expenditure" करने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया। ऑडिट अवधि के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में थी, और विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र के दौरान Question Hour न होने पर विपक्ष ने आलोचना की।

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