CAG Report: दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए मिले 843 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए, रिकॉर्ड भी गायब

दिल्ली विधानसभा में सोमवार, 10 अगस्त 2026 को पेश की गई Comptroller and Auditor General (CAG) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक दिल्ली में Environmental Compensation Charge (ECC) के रूप में एकत्र किए गए ₹843.12 करोड़ खर्च नहीं किए गए थे। कमर्शियल वाहनों पर लगने वाले इस ECC का उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना और साइकिल चालकों व पैदल चलने वालों के लिए सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। Municipal Corporation of Delhi (MCD) द्वारा 2015-16 से 2024-25 के बीच कुल ₹1,624.63 करोड़ एकत्र किए गए थे, जिसमें से केवल ₹781.51 करोड़ का उपयोग किया गया था।
गायब मिले ECC कलेक्शन के रिकॉर्ड
ऑडिट में आगे यह भी सामने आया कि कुल 280 दिनों के ECC कलेक्शन से संबंधित रिकॉर्ड गायब थे। विशेष रूप से, 6 अप्रैल से 26 अप्रैल 2018 तक 21 दिनों के लिए और 18 दिसंबर 2020 से 2 सितंबर 2021 तक 259 दिनों के लिए कलेक्शन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। CAG ने सितंबर 2025 में इन गायब रिकॉर्ड्स के लिए स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन फरवरी 2026 तक कोई जवाब नहीं मिला था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की पूर्व सरकार की आलोचना
रिपोर्ट पेश होने के बाद, दिल्ली की Chief Minister Rekha Gupta ने 11 अगस्त 2026 को विधानसभा में चर्चा के दौरान पूर्व Aam Aadmi Party (AAP) सरकार की आलोचना की। उन्होंने अनस्पेंड ECC सहित फंड के कुप्रबंधन का आरोप लगाया, साथ ही Ayushman Bharat और Delhi Metro जैसी योजनाओं के लिए केंद्रीय फंड का उपयोग न किए जाने का भी जिक्र किया। इससे पहले मई 2026 में, एक RTI inquiry से संकेत मिला था कि MCD के भीतर लगभग ₹48-50 करोड़ का एंटी-पोल्यूशन फंड भी खर्च नहीं हुआ था, और अधिकारियों ने लगभग तीन साल तक म्युनिसिपल बॉडी में Standing Committee के न होने को देरी का कारण बताया था।