दिल्ली, जयपुर और लखनऊ की बसों में बड़ा सुरक्षा खुलासा, इमरजेंसी गेट जाम और अग्निशामक यंत्र गायब

आजतक की टीम ने दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में स्लीपर और मॉडिफाइड बसों में बड़ी सुरक्षा कमियों का खुलासा किया है। यह जांच 24 सितंबर 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए एक भीषण बस हादसे के बाद की गई, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे वाली बस कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी। रिपोर्टरों आशुतोष मिश्रा, सुशांत मेहरा, आशीष श्रीवास्तव और शरत कुमार ने अपनी जांच में पाया कि कई बसें नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।
दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में बस सुरक्षा के हालात
दिल्ली में जांच के दौरान पाया गया कि दिल्ली से जम्मू-कतर जा रही बस का इमरजेंसी गेट जाम था और कश्मीरी गेट पर राज कल्पना बस का गेट बंद था। आनंद विहार पर एक बस में 2x1 सीटिंग को बदलकर 2x2 कर दिया गया था, जिससे निकलने का रास्ता रुक सकता है। जयपुर में बसें बिना आग बुझाने वाले यंत्रों के चल रही थीं और इमरजेंसी गेट पर सामान भरा हुआ था। लखनऊ में भी कई बसों के इमरजेंसी गेट बंद मिले।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सरकार के कड़े निर्देश
इन कमियों और हालिया हादसों के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कई राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी कर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अधीन ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड AIS-052 और AIS 153 के तहत आग का पता लगाने वाले सिस्टम, सुरक्षा हथौड़े के साथ खुले इमरजेंसी गेट, आपातकालीन लाइट और ड्राइवर की नींद के अलर्ट सिस्टम अनिवार्य हैं। इसके अलावा दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने 1 सितंबर 2026 को दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), चालू पैनिक बटन और खिड़कियों पर पर्दे व unauthorized फिल्मों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।