बस गैंगरेप केस: ड्राइवर और कंडक्टर पर आरोप तय, 24 अक्टूबर से शुरू होगा ट्रायल

दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग लड़की के साथ चलती बस में हुए गैंगरेप मामले में बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने इस घिनौने अपराध के आरोपी बस ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं। अब इस मामले की सुनवाई और ट्रायल 24 अक्टूबर से शुरू होगा। यह पूरा मामला अगस्त महीने का है, जिसने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
DNA रिपोर्ट और वैज्ञानिक सबूतों ने खोला राज
तिस हजारी कोर्ट की स्पेशल जज (POCSO) सोनम गुप्ता ने मामले से जुड़े सबूतों और चार्जशीट का बारीकी से अध्ययन करने के बाद कुलदीप और संदीप नाम के आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने ही इस मामले में करीब 400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 50 गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों के DNA सैंपल लड़की के कपड़ों और बस से मिले नमूनों से मैच हुए हैं। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में बालों के नमूने और सीमेन की पुष्टि हुई है, जिससे यह साबित होता है कि चलती बस में नाबालिग के साथ यौन शोषण किया गया था।
घटना के विवरण के मुताबिक, पीड़िता ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई थी और बस मुख्यपुरी से दिल्ली की ओर जा रही थी। आरोप है कि करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ दरिंदगी की और बाद में उसे ISBT कश्मीरी गेट के पास बस से उतार दिया। पीड़िता की शिकायत पर कश्मीरी गेट (मेट्रो) पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने बाद में तिमारपुर के एक पार्किंग लॉट से बस को बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) (नाबालिग का गैंगरेप), 87 (अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए अपहरण), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना) और 137(2) के साथ-साथ POCSO एक्ट की धारा 5(g) और 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर ट्रायल चलेगा।