दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में भर्ती हुआ BSF का जवान, कांगो से लौटने के बाद Ebola जैसे लक्षण आए सामने

दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 52 वर्षीय बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के एक कांस्टेबल को भर्ती कराया गया है। यह जवान हाल ही में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति मिशन से भारत लौटा है और उसमें Ebola के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं। 11 जुलाई को भारत लौटने के बाद अपने अनिवार्य 21 दिन के क्वारंटीन के 20वें दिन उसे बुखार और बदन दर्द की शिकायत हुई। इसके तुरंत बाद इबोला सर्विलांस प्रोटोकॉल शुरू किया गया और उसका ब्लड सैंपल कंफर्मेटरी टेस्टिंग के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोロジー (NIV) भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अभी संदिग्ध है और इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
इबोला प्रभावित क्षेत्रों से लौटने वाले कर्मियों के लिए भारत ने अपनी स्क्रीनिंग और क्वारंटीन उपायों को काफी बढ़ा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक इबोला आपातकाल के बाद देश भर में लगभग 11,000 यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और अब तक देश में कोई भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। यह बढ़ी हुई सतर्कता बुंडिब्युग्यो इबोलावायरस (Bundibugyo ebolavirus) के कारण फैली वैश्विक इबोला महामारी के बीच आई है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 16 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।
भारत सरकार की कड़ी निगरानी और एडवाइजरी
भारतीय सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के साथ समन्वय करके देश भर में मजबूत सर्विलांस और पब्लिक हेल्थ की तैयारी लागू कर रही है। DRC, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे हाई-रिस्क देशों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें उन्हें बुखार, कमजोरी, दस्त, अस्पष्ट ब्लीडिंग और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया गया है। जिन यात्रियों का संदिग्ध या पुष्ट इबोला रोगियों के बॉडी फ्लूइड्स से सीधा संपर्क रहा है, उन्हें तुरंत एयरपोर्ट अधिकारियों को रिपोर्ट करना अनिवार्य किया गया है।