INDIA गठबंधन की रैली: दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर BSF तैनात, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
INDIA गठबंधन की रामलीला मैदान रैली को देखते हुए दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर BSF और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित मेगा रैली को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए रविवार को दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टीमें राजधानी में प्रवेश करने वाले रास्तों की कड़ी निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में भारी बैरिकेडिंग की गई है और संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की जा रही है। यह पूरी कवायद इसलिए की गई है क्योंकि INDIA गठबंधन के हजारों कार्यकर्ता और नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए रामलीला मैदान में इकट्ठा हो रहे हैं।
सुरक्षा के लिए 10 हजार जवानों का घेरा
दिल्ली पुलिस के साथ-साथ CRPF, RAF और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के लगभग 10,000 जवानों को पूरे मध्य और नए दिल्ली इलाके में तैनात किया गया है। अकेले रामलीला मैदान और मिंटो ब्रिज से लेकर रैली स्थल तक के रास्तों पर 4,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
- संवेदनशील इलाके: कनॉट प्लेस, जंतर मंतर, भगवान दास रोड, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।
- तकनीकी निगरानी: भीड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और एआई-आधारित फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- पाबंदियां: संवेदनशील इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है।
इस बीच, कांग्रेस सांसद जेबी माथर और सीपीआई(एम) के नेताओं ने इस रैली को लोकतंत्र को बचाने की जंग बताया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यह आंदोलन संवैधानिक ढांचे पर हो रहे हमलों के खिलाफ है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा ने पश्चिम दिल्ली में एक जवाबी मार्च आयोजित किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई।