बृज भूषण सिंह को दिल्ली कोर्ट से आखिरी मौका, पहलवानों की अपील पर देना होगा जवाब
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृज भूषण शरण सिंह को पहलवानों की अपील पर जवाब दाखिल करने के लिए आखिरी एक हफ्ते का समय दिया है।

पूर्व डब्ल्यूएफआई (WFI) चीफ बृज भूषण शरण सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में उनकी बरी किए जाने के खिलाफ पहलवानों द्वारा दायर अपील पर जवाब दाखिल करने के लिए उन्हें अंतिम अवसर दिया है। स्पेशल जज डिग विनय सिंह ने स्पष्ट किया है कि जवाब दाखिल करने के लिए अब केवल एक हफ्ते का समय मिलेगा और इसके बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा।
यह पूरा मामला उन चार महिला पहलवानों की अपील से जुड़ा है, जिन्होंने 3 अगस्त 2026 को बृज भूषण शरण सिंह और पूर्व डब्ल्यूएफआई सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। पहलवानों का तर्क है कि अदालत ने सबूतों का सही मूल्यांकन नहीं किया और यौन उत्पीड़न के पीड़ितों के बारे में रूढ़िवादी धारणाओं के आधार पर यह फैसला सुनाया गया।
पुलिस की भूमिका और अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान बृज भूषण सिंह के वकीलों—राजीव मोहन, रेहान खान और ऋषभ भाटी ने दलील दी कि उन्हें अपील से जुड़े दस्तावेज मिलने में देरी हुई, इसलिए उन्हें अतिरिक्त समय चाहिए था। कोर्ट ने इस अनुरोध को मानते हुए अंतिम मौका दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) मनीष रावत को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या दिल्ली पुलिस इस बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ खुद कोई रिविजन पिटीशन दाखिल करना चाहती है।
आपको बता दें कि यह मामला जून 2023 में दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल की गई 1,500 पन्नों की चार्जशीट से शुरू हुआ था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354D, 354A, 506(1) और 109 जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। अब कोर्ट ने मामले की प्रगति की समीक्षा करने के लिए अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 तय की है।