ब्रिक्स संसदीय फोरम में नई दिल्ली घोषणापत्र मंजूर, UN सुधार और आतंकवाद पर कड़ा रुख

नई दिल्ली में ब्रिक्स संसदीय फोरम ने UN सुधार, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और ग्लोबल साउथ की आवाज उठाने पर जोर दिया।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
ब्रिक्स संसदीय फोरम में नई दिल्ली घोषणापत्र मंजूर, UN सुधार और आतंकवाद पर कड़ा रुख

देश की राजधानी में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम का समापन एक महत्वपूर्ण साझा घोषणापत्र के साथ हुआ है। "लोगों के केंद्रित विकास के लिए संसद को बढ़ावा देना" थीम पर आधारित इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भारत, ब्राजील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात के विधायी नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक शासन में बदलाव लाना और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती देना रहा।

सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के वर्तमान ढांचे में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। प्रतिनिधियों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित पूरे सिस्टम में सुधार होना चाहिए ताकि यह अधिक लोकतांत्रिक, न्यायसंगत और प्रभावी बन सके। उनका मानना है कि वैश्विक शासन में उन देशों का प्रतिनिधित्व बढ़ना चाहिए जो अब तक हाशिए पर रहे हैं।

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस और सुरक्षा चुनौतियां

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सुरक्षा के मोर्चे पर, ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। घोषणापत्र में स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद के किसी भी कृत्य को सही नहीं ठहराया जा सकता और इसके प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। इस दौरान 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन (CCIT) को जल्द से जल्द अपनाने की अपील की है।

इसके अलावा, फोरम में अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई:

  • एकतरफा प्रतिबंध: अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ लगाए गए एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों की निंदा की गई, क्योंकि इनका असर मानवाधिकारों और खाद्य सुरक्षा पर पड़ता है।
  • मध्य पूर्व संकट: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई गई और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई।
  • फिलिस्तीन मुद्दा: इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' का समर्थन किया गया।

अंत में, सभी सदस्य देशों ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का स्वागत किया। भारत की इस अध्यक्षता की थीम "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" रखी गई है। प्रतिनिधियों ने राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

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