हरियाणा के BPS मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास, जीता प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

Kittu Kumari20 October 20262 min read0 viewsNCR
हरियाणा के BPS मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास, जीता प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

हरियाणा के खानपुर कलान स्थित BPS गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज फॉर विमेन ने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। यह संस्थान IMU-रॉन हार्डन इनोवेशन इन मेडिकल एजुकेशन (IMU-RHIME) अवार्ड जीतने वाला पहला भारतीय संस्थान बन गया है। इस गौरवशाली उपलब्धि की घोषणा 20 अक्टूबर 2026 को मलेशिया के कुआलालंपुर में IMU यूनिवर्सिटी में आयोजित 19वीं इंटरनेशनल मेडिकल एजुकेशन कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई।

कॉलेज को यह सम्मान उसके खास 'नेटवर्क ऑफ स्टूडेंट लीडर्स' (NEST) प्रोग्राम के लिए दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देना और उन शैक्षणिक उपलब्धियों को सामने लाना है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। बता दें कि साल 2008 में शुरू हुए इस पुरस्कार को अब तक अमेरिका, ब्रिटेन, हांगकांग, मलेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों के संस्थानों को दिया जा चुका है, लेकिन भारत से यह पहला सम्मान है।

NEST प्रोग्राम ने बदला मेडिकल छात्रों का नजरिया

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इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर कॉलेज की ओर से नेत्र रोग विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. सुमिता सेठी ने पुरस्कार ग्रहण किया और प्रोजेक्ट के परिणामों को दुनिया के सामने रखा। इस प्रोग्राम को सफल बनाने में डॉ. रेनू गर्ग और डॉ. रुचि अग्रवाल की अहम भूमिका रही।

NEST प्रोग्राम की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके तहत भारत के 11 अलग-अलग कॉलेजों के 278 मेडिकल छात्रों को लीडरशिप ट्रेनिंग दी गई। इन प्रशिक्षित छात्रों ने समाज की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर 63 प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया, जिनमें मुख्य रूप से ये विषय शामिल थे:

  • नशीली दवाओं के दुरुपयोग (Drug Abuse) के खिलाफ जागरूकता।
  • बाल विवाह जैसी कुरीतियों को रोकना।
  • सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना।
  • मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) के प्रति लोगों को शिक्षित करना।

यह पुरस्कार प्रोफेसर रॉनल्ड हार्डन के सम्मान में दिया जाता है, जिन्होंने IMU यूनिवर्सिटी की स्थापना और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक योगदान दिया। कॉलेज प्रबंधन ने इस जीत को हरियाणा और भारत की मेडिकल शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।

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