बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी में ICATS 2026 का आयोजन, AI और ग्लोबल ट्रेड पर हुई चर्चा

गुरुग्राम स्थित बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी (BMU) ने हाल ही में अपने कैंपस में 'इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ट्रेड एंड सस्टेनेबिलिटी' (ICATS 2026) की मेजबानी की। 6 और 7 अक्टूबर को आयोजित इस हाइब्रिड कॉन्फ्रेंस में करीब 400 शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) किस तरह बिजनेस ऑपरेशंस, वैश्विक व्यापार और टिकाऊ विकास (Sustainable Development) को प्रभावित कर रहा है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर पेश किए गए, जिनमें तकनीक और व्यापार के बदलते स्वरूप पर गहराई से चर्चा हुई। यह आयोजन कॉन्फैब 360 डिग्री और सिक्किम की ऑर्किड यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया गया था। सत्रों के दौरान जेनरेटिव AI, रोबोटिक्स, डिजिटल इकोनॉमी, डेटा एथिक्स और मानव-AI सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ। साथ ही, इस बात पर भी जोर दिया गया कि कैसे पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) मानकों को AI के साथ जोड़कर भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने साझा किए भविष्य के विचार
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुवादिनी AI के सीईओ और AICTE के चीफ कोऑर्डिनेशन ऑफिसर डॉ. बुद्ध चंद्रशेखर मौजूद रहे। वहीं, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की महानिदेशक तनु कश्यप (IAS) ने कीनोट स्पीकर के तौर पर अपने विचार साझा किए। कॉन्फैब 360 डिग्री और मेंटरएज की संस्थापक डॉ. निशु आयदी ने भी चर्चाओं में महत्वपूर्ण इनपुट्स दिए।
बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की प्रोफेसर और शिक्षा गुणवत्ता की डीन प्रोफेसर जसकिरण अरोरा ने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस आर्थिक निर्णय लेने की प्रक्रिया और टिकाऊ विकास पर AI के प्रभाव को समझने में सफल रही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ जिम्मेदारी और दीर्घकालिक लचीलापन (Resilience) होना बेहद जरूरी है। इस आयोजन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भविष्य में ऐसे अंतःविषय सहयोग बढ़ाए जाएं, जिससे तकनीकी तरक्की को वास्तविक आर्थिक लाभ में बदला जा सके।