नमो भारत कॉरिडोर पर अब दौड़ेंगे पार्सल, Blue Dart और NCRTC के बीच हुआ समझौता

दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच चलने वाली नमो भारत ट्रेन अब सिर्फ यात्रियों को ही मंजिल तक नहीं पहुंचाएगी, बल्कि जल्द ही आपके पार्सल भी इसी के जरिए तेजी से पहुंच सकते हैं। दक्षिण एशिया की दिग्गज ट्रांसपोर्ट कंपनी Blue Dart Express Limited और नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है, ताकि नमो भारत कॉरिडोर के जरिए एक्सप्रेस पार्सल डिलीवरी की संभावनाओं को तलाशा जा सके।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य 82 किलोमीटर लंबे इस रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल के तहत दोनों कंपनियां एक विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) करेंगी। इसमें यह देखा जाएगा कि स्टेशनों पर किस तरह के बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी, पार्सल की मात्रा कितनी हो सकती है और इसके लिए कमर्शियल फ्रेमवर्क क्या रहेगा।
लॉजिस्टिक्स में बदलाव और पर्यावरण को फायदा
NCRTC के मैनेजिंग डायरेक्टर शलभ गोयल के अनुसार, यह सहयोग न केवल फ्रेट इकोसिस्टम को बेहतर बनाएगा, बल्कि इससे संस्था को 'नॉन-फेयर बॉक्स रेवेन्यू' यानी टिकट के अलावा अन्य कमाई के जरिए भी मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कॉरिडोर सड़कों से सालाना एक लाख से ज्यादा निजी वाहनों को कम करेगा, जिससे करीब 2.5 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।
वहीं, DHL ई-कॉमर्स डिवीजन के सीईओ पाब्लो सियानो ने भारत को एक बड़े ग्रोथ मार्केट के रूप में देखा है और कहा कि इस कदम से NCR के भीतर लॉजिस्टिक्स सेवाओं में बड़ा सुधार आएगा। Blue Dart के मैनेजिंग डायरेक्टर बालफोर मैनुअल ने बताया कि कंपनी अब नमो भारत सिस्टम को अपने मौजूदा लास्ट-माइल डिलीवरी नेटवर्क के साथ जोड़ने की योजना बना रही है। इससे भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में पारंपरिक सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी और एक टिकाऊ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स समाधान तैयार होगा।