दिल्ली में भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च, कांग्रेस की मेगा रैली से पहले दिखाई ताकत
दिल्ली में भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकालकर अपनी ताकत दिखाई, वहीं कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मेगा रैली की तैयारी में जुटी है।

देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस की आगामी बड़ी रैली से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज, 28 अक्टूबर 2026 को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च निकालकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। दोपहर 2 बजे शुरू हुआ यह जुलूस लाल किले से चांदनी चौक के टाउन हॉल तक निकाला गया, जिसमें करीब 5,000 कार्यकर्ताओं के शामिल होने का अनुमान है।
इस मार्च का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा कर रहे हैं। उनके साथ कई केंद्रीय नेता और सांसद भी मौजूद रहे। भाजपा का कहना है कि यह अभियान हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक विमर्श और अराजकता के जवाब में आयोजित किया गया है।
कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली के लिए सुरक्षा इंतजाम सख्त
एक तरफ जहां भाजपा सड़कों पर है, वहीं दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक विशाल मेगा रैली की तैयारी कर रही है। इस रैली के जरिए कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन को रोकने की मांग करेगी। पार्टी ने इस आयोजन के लिए भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी पूर्व हरियाणा मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को सौंपी है।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने इस रैली के लिए कड़ी शर्तों के साथ एनओसी (NOC) जारी की है। पुलिस प्रशासन ने पूरे आयोजन स्थल और आसपास के इलाके को 14 सुरक्षा जोन में बांटा है, जिसकी निगरानी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे। व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 4,000 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रैली शाम 5 बजे तक समाप्त हो जानी चाहिए और रामलीला मैदान के बाहर किसी भी तरह का मार्च प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, आयोजकों को एक कंट्रोल रूम बनाने और एंट्री, एग्जिट व स्टेज पर वीडियो रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।