19 सितंबर को नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दीपक नामक एक सफाई कर्मचारी की आत्महत्या के मामले में आप के निगम पार्षद विजय कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पार्षद पर इस मामले में शामिल होने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मृतक सफाई कर्मचारी की पत्नी संगीता अपने छोटे बच्चे के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा विधायक रविकांत उज्जैनवाल ने किया और इसका समन्वय निगम पार्षद प्रियंका गौतम ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विजय कुमार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके कारण प्रदर्शनकारियों और निगम पार्षद कार्यालय के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस और हाथापाई भी हुई।
प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की कि जब तक सफाई कर्मचारी के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रियंका गौतम ने जोर देकर कहा कि सफाई कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके दिल्ली को साफ रखते हैं और उनके साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि दीपक के लिए न्याय मांगना केवल उसके परिवार की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि शहर के सभी सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान के लिए एक लड़ाई है। प्रियंका गौतम ने आम आदमी पार्टी पर पार्षद विजय कुमार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि संगीता न्याय पाने की उम्मीद में इस प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व उपमहापौर राजकुमार ढिल्लों, पूर्व विधायक रोहित महरोलिया, त्रिलोकपुरी मंडल अध्यक्ष सुनील सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सभी ने एक सुर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपी पार्षद पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया ताकि मृतक के परिवार को उचित न्याय मिल सके।