'रीजीम चेंज' पर छिड़ी जंग: पी चिदंबरम के दावे पर भाजपा का पलटवार, कहा- 'अराजकता का चेहरा आया सामने'

देश की राजनीति में इन दिनों 'रीजीम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) शब्द को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम द्वारा सत्ता परिवर्तन को लोकतांत्रिक प्रक्रिया बताने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर कड़ा हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीकों के बजाय बांग्लादेश जैसी स्थितियों से प्रेरणा ले रहा है, जो देश के लिए खतरनाक है।
पूरा मामला तब गरमाया जब पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। चिदंबरम ने लिखा कि लोकतंत्र में 'रीजीम चेंज' एक सामान्य प्रक्रिया है और इसमें इतना गुस्सा होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष का काम सरकार का विरोध करना, उसकी कमियों को उजागर करना और चुनावों के जरिए उसे सत्ता से हटाना होता है।
बांग्लादेश मॉडल पर भाजपा का गंभीर आरोप
चिदंबरम की इस दलील पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि जब आप बांग्लादेश से प्रेरणा लेते हैं, तो वह लोकतंत्र नहीं रह जाता। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इस तरह की बातें विपक्ष की 'अराजकता' को उजागर करती हैं।
यह विवाद केवल दो नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें हालिया विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हैं। दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को जब 'रीजीम चेंज' की लड़ाई बताया गया, तब से यह बहस तेज हो गई है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी इस संदर्भ में बांग्लादेश के 'जेन जेड' आंदोलन का जिक्र किया था।
इस पूरे घटनाक्रम पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि वे भारत में भी बांग्लादेश जैसा राजनीतिक उलटफेर करने की कोशिश कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के युवाओं को अराजक राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसका मकसद चुनावी सुधार नहीं बल्कि अस्थिरता पैदा करना है।
जहां भाजपा इन बयानों को चुनावी प्रक्रिया के बाहर सरकार गिराने की साजिश मान रही है, वहीं विपक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। फिलहाल, 'रीजीम चेंज' शब्द अब भारतीय राजनीति में एक नया विवादित मुद्दा बन चुका है।