मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर भाजपा सांसद नरेश बंसल का विपक्ष पर पलटवार

नयी दिल्ली। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले विपक्ष पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग (ECI) के भीतर कोई भ्रम नहीं है और विपक्ष केवल भ्रम की स्थिति पैदा करने के लिए तूफान खड़ा कर रहा है। भाजपा सांसद ने एएनआई को बताया कि ईसीआई के भीतर कोई भ्रम नहीं है और फैसले विचार-विमर्श से लिए जाते हैं।
विपक्ष का रवैया वास्तविकता स्वीकार न करना
नरेश बंसल ने आगे कहा कि विपक्ष का रवैया वास्तविकता को स्वीकार न करने की जिद जैसा है। यदि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में हो तो वह अच्छा है और ईवीएम से अनुकूल परिणाम आएं तो वे अच्छे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सेना के खिलाफ टिप्पणी करने में भी संकोच नहीं करते, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का बयान
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह कहना किसी भी तरह से उचित नहीं है कि चुनाव आयोग की आलोचना हुई है या उसे झटका लगा है। विपक्ष चाहे जो आरोप लगाए, लेकिन आयोग के कामों और कर्तव्यों को देश की जनता, अन्य संवैधानिक संस्थाओं और अदालतों ने सही ठहराया है।
विवाद की पृष्ठभूमि और चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा था। The Indian Express की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। चुनाव आयोग ने शनिवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि SIR के कार्यक्रम से जुड़े सभी फैसले आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र प्रतिनियुक्ति पर एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था, न कि चुनाव निकाय के किसी नीतिगत मामले से।