दिल्ली में कल नितिन नबीन के नेतृत्व में निकलेगी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन कल दिल्ली में पदयात्रा निकालेंगे। कांग्रेस के खिलाफ इस मार्च में कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।

राजधानी दिल्ली में कल बुधवार को भाजपा की एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिलेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शाम 4:30 बजे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। यह मार्च लाल किले के पास स्थित श्री जैन लाल मंदिर से शुरू होकर चांदनी चौक के टाउन हॉल चौक तक जाएगा। इस पदयात्रा के जरिए भाजपा कांग्रेस और राहुल गांधी के कथित 'अराजक' व्यवहार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।
इस महत्वपूर्ण मार्च में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली की मेयर रेखा गुप्ता और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल होंगे। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी लगातार दिल्ली में अस्थिरता पैदा कर रही है और आए दिन संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक विरोध प्रदर्शन करके राजधानी के लोगों को बंधक बनाए हुए है।
कांग्रेस के 'शासन परिवर्तन' के दावों पर उठाए सवाल
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस पदयात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा 'शासन परिवर्तन' की बात करना उन 140 करोड़ भारतीयों के जनादेश का अपमान है, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ कांग्रेस इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती है। मल्होत्रा के अनुसार, इस पदयात्रा का मुख्य लक्ष्य लोकतंत्र की रक्षा करना और कांग्रेस की अराजक राजनीति को बेनकाब करना है।
गौरतलब है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के 'वोट चोरी' अभियान के जवाब में भाजपा ने देशभर में पदयात्राओं का सिलसिला शुरू किया है। इस अभियान में पार्टी के सबसे प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं। जहां जे.पी. नड्डा ने अहमदाबाद में पदयात्रा की, वहीं आने वाले दिनों में गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद और करनाल में नजर आएंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में, पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड में और देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र में इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
इसी कड़ी में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने 25 अक्टूबर से एक राष्ट्रव्यापी युवा आउटरीच कार्यक्रम भी शुरू किया है, जो 30 नवंबर तक चलेगा। इस पहल का मकसद युवाओं को लोकतंत्र पर संवाद के लिए जोड़ना और गलत जानकारियों का मुकाबला कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में शामिल करना है।