भाजपा की बड़ी बैठक: अमित शाह की मौजूदगी में नितिन नबीन ने तैयार की चुनावी रणनीति

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और अमित शाह ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार की। जानें क्या है 'Save Democracy' कैंपेन।

Kittu Kumari25 October 20262 min read0 viewsNational
भाजपा की बड़ी बैठक: अमित शाह की मौजूदगी में नितिन नबीन ने तैयार की चुनावी रणनीति

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अपनी कमर कस ली है। रविवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने की। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे, जहां पार्टी की भविष्य की चुनावी दिशा और रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया। बैठक में मीडिया, आईटी विंग और देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

इस बैठक का मुख्य केंद्र 2027 की शुरुआत में होने वाले पांच राज्यों के चुनाव रहे। भाजपा का लक्ष्य उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर जैसे राज्यों में अपनी सत्ता बरकरार रखना है। वहीं, पंजाब में पार्टी अपनी राजनीतिक पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जहां फिलहाल आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है।

विपक्ष की रैली और 'Save Democracy' कैंपेन पर नजर

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बैठक के दौरान विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन एक बड़ी रैली करने जा रहा है। इस रैली के मद्देनजर अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।

दूसरी ओर, भाजपा ने 'Save Democracy, Remove Anarchy' (लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ) नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। नितिन नबीन के नेतृत्व में चलने वाले इस अभियान का पहला चरण 5 नवंबर तक चलेगा और दूसरा चरण 11 से 30 नवंबर तक जारी रहेगा। इस मुहिम का मकसद मतदाता सूची की सटीकता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता को जागरूक करना है।

पार्टी इस अभियान के तहत जिला मुख्यालयों पर पैदल मार्च आयोजित करने की तैयारी कर रही है, जिसमें हर स्थान पर करीब 10,000 लोगों के शामिल होने का लक्ष्य है। इसके अलावा, हर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि चुनावी रोल के संशोधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा सके।

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