विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चुनाव आयोग की स्पष्ट सफाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि SIR प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए थे।
नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि
विपक्ष एक बार फिर जनता को गुमराह करने के मामले में बेनकाब हो गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR से जुड़ा हर फैसला पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिया गया था। इसके बावजूद कांग्रेस ने एक मनगढ़ंत झूठ के आधार पर आरोप गढ़े और हमारे संवैधानिक निकायों पर हमले किए। उन्होंने आगे कहा कि जब यही चुनावी प्रक्रिया कांग्रेस और उसके सहयोगियों को केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में जीत दिलाती है, तो इसकी विश्वसनीयता आसानी से स्वीकार कर ली जाती है।
बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा कि चुनावी जीत और हार लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन
दुर्भावनापूर्ण प्रचार के जरिए संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के प्रयास बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीतिक अस्तित्व के लिए बार-बार भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करते हैं, उन्हें देश को एक स्पष्ट और सार्वजनिक माफी देनी चाहिए।
इस मामले में बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने भी पलटवार करते हुए कहा कि
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर आक्रामक हमला बोला था। ANI से बात करते हुए पात्रा ने कहा कि विभिन्न विपक्षी दलों और विशेषकर कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर मिलीभगत का आरोप लगाया था और दावा किया था कि भारत के लोकतंत्र से समझौता किया जा रहा है। पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण ने यह स्थापित कर दिया है कि SIR अभ्यास सभी आयुक्तों की सहमति से किया गया था।