बड़ी कार्रवाई: दिल्ली के मंडोली में BIS ने पकड़े 2,350 बिना मानक वाले एल्युमिनियम फॉइल रोल

दिल्ली के उत्तर पूर्व इलाके में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एक बड़ी एनफोर्समेंट कार्रवाई की है। BIS गाजियाबाद ब्रांच ऑफिस ने 17 अगस्त 2026 को मंडोली इलाके में छापेमारी करके करीब 2,350 एल्युमिनियम फॉइल रोल जब्त किए हैं। यह पूरी कार्रवाई Bureau of Indian Standards Act, 2016 की धारा 28 के तहत की गई है।
- कार्रवाई 17 अगस्त 2026 को दिल्ली के मंडोली इलाके में हुई।
- लगभग 2,350 एल्युमिनियम फॉइल रोल जब्त किए गए।
- उत्पादों पर अनिवार्य BIS लाइसेंस और ISI मार्क नहीं था।
- दोषियों पर 2,00,000 रुपये का जुर्माना और दो साल तक की सजा का प्रावधान है।
छापेमारी की मुख्य बातें और अधिकारी
इस एनफोर्समेंट टीम का नेतृत्व शैलेन्द्र कुमार वर्मा (Scientist-C और Deputy Director) और राज कुमार (Scientist-B और Assistant Director) ने किया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए उत्पादों पर अनिवार्य BIS लाइसेंस और जरूरी ISI मार्क नहीं था। साल 2020 में जारी Quality Control Order (QCO) के तहत, जो 17 अगस्त 2020 से लागू है, एल्युमिनियम फॉइल उत्पादों को Indian Standard (IS 15392) के अनुरूप होना चाहिए और वैध BIS लाइसेंस के तहत ही बनाए जाने चाहिए।
नियमों का उल्लंघन और कानूनी कार्रवाई
BIS अधिकारियों ने बताया कि वैध प्राधिकरण के बिना अनिवार्य प्रमाणन योजना के तहत उत्पादों का निर्माण या भंडारण करना एक दंडनीय अपराध है। नियम तोड़ने वालों को कम से कम 2,00,000 रुपये का जुर्माना और दो साल तक की जेल की सजा मिल सकती है। एजेंसी ने पुष्टि की है कि BIS Act, 2016 और संबंधित QCO नियमों के प्रावधानों के तहत संबंधित फर्म के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
ग्राहकों और उद्योगों के लिए अपील
छापेमारी के बाद, BIS ने उपभोक्ताओं और उद्योगों से अपील की है कि वे अनिवार्य प्रमाणन के तहत आने वाले उत्पादों को खरीदने से पहले BIS लाइसेंस की वैधता की जांच जरूर करें। ब्यूरो ने जनता को BIS CARE app, ईमेल या गाजियाबाद ब्रांच ऑफिस से संपर्क करके ISI मार्क के दुरुपयोग या मानक उल्लंघनों की शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित किया है। एजेंसी ने यह भी आश्वासन दिया है कि शिकायत करने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।