BIRC 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में चावल प्रदर्शनी के सभी स्टॉल बिके, विदेशी खरीदारों में भारी उत्साह

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस (BIRC) 2026 को लेकर दुनिया भर के चावल व्यापारियों और खरीदारों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) ने जानकारी दी है कि इस आयोजन के लिए प्रदर्शनी का पूरा स्पेस (स्टॉल) बिक चुका है। खास बात यह है कि लगातार दूसरे साल प्रदर्शनी पूरी तरह बुक हो गई है, जो भारतीय चावल उद्योग की वैश्विक मांग और मजबूती को दर्शाता है।
यह कॉन्फ्रेंस 23 से 25 अक्टूबर तक चलेगी। आयोजन से दो हफ्ते पहले ही सभी स्टॉल बुक हो गए। केवल प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि विदेशी खरीदारों के रजिस्ट्रेशन में भी भारी उछाल आया है। 30 अगस्त के मुकाबले खरीदारों के रजिस्ट्रेशन में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 150 से अधिक देशों के 4,649 खरीदारों ने अपना नाम दर्ज कराया है, जबकि कुल रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या 30,097 तक पहुंच गई है।
विदेशी बाजारों की दिलचस्पी और खास आकर्षण
इस बार के रजिस्ट्रेशन में अफ्रीकी और अरब देशों का दबदबा दिख रहा है। बेनिन से सबसे ज्यादा 282 और नाइजीरिया से 278 खरीदारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (188), सऊदी अरब (174) और दक्षिण अफ्रीका (167) से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे। फिलीपींस, इंडोनेशिया और तुर्की जैसे देशों से भी 100 से अधिक रजिस्ट्रेशन मिले हैं।
IREF के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट नितिन गुप्ता ने कहा कि लगातार दूसरी बार प्रदर्शनी का फुल होना भारतीय चावल उद्योग पर दुनिया के भरोसे को दिखाता है। उनका लक्ष्य केवल स्टॉल भरना नहीं, बल्कि भारतीय सप्लायर्स और विदेशी खरीदारों के बीच ऐसे संबंध बनाना है जिससे नए बाजारों तक पहुंच बढ़े और व्यापार में विविधता आए।
कॉन्फ्रेंस की खास बातें इस प्रकार हैं:
- B2B मीटिंग्स: एक विशेष ऐप के जरिए खरीदार, मिलर्स और निर्यातक अपनी जरूरत के हिसाब से मीटिंग शेड्यूल कर सकेंगे।
- विज़न 2047: इस कार्यक्रम के दौरान 'राइस सेक्टर विजन 2047' लॉन्च किया जाएगा।
- एक्सपीरियंस जोन: ग्लोबल राइस आर्काइव सहित नौ अनुभव जोन बनाए जाएंगे, जहां चावल की विभिन्न किस्मों और सांस्कृतिक विरासत को दिखाया जाएगा।
- राइस फेस्टिवल: 25 अक्टूबर को एक सार्वजनिक राइस फेस्टिवल होगा, जिसमें 50 से अधिक देशों के चावल व्यंजन और 25 से ज्यादा तरह की बिरयानी परोसी जाएंगी।
कार्यक्रम के शुरुआती दो दिनों में बासमती और गैर-बासमती चावल की वैश्विक मांग, मिलिंग मुनाफे और मार्केट एंट्री रणनीतियों पर गहन चर्चा होगी। साथ ही शिपिंग, इंश्योरेंस और सस्टेनेबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी सत्र आयोजित किए जाएंगे।