नई दिल्ली में हुई 11वीं बिम्सटेक काउंटर आतंकवाद बैठक, पारंपरिक और उभरते सुरक्षा खतरों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली में सोमवार से मंगलवार यानी 28-29 सितंबर को बिम्सटेक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप ऑन काउंटर टेररिज़्म एंड ट्रांसनेशनल क्राइम की 11वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सदस्य देशों ने पारंपरिक और उभरते सुरक्षा खतरों पर चर्चा की और आतंकवाद तथा ट्रांसनेशनल क्राइम का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने की सिफारिशें कीं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। इस बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के आतंकवाद विरोधी मामलों के अतिरिक्त सचिव डॉ. सुहेल एजाज खान ने की। पारंपरिक और उभरते सुरक्षा खतरों पर हुई चर्चा बैठक के दौरान बिम्सटेक क्षेत्र में पारंपरिक और उभरते हुए गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने क्षेत्र में आतंकवाद और ट्रांसनेशनल क्राइम का मुकाबला करने के लिए सहयोग को मजबूत करने के वास्ते कई मुद्दों पर सिफारिशें कीं। बैठक में मानव तस्करी, नशीली दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने, कानूनी और कानून प्रवर्तन के मुद्दों तथा कट्टरपंथ और आतंकवाद का मुकाबला करने पर सहयोग से जुड़े विभिन्न उप-समूहों की रिपोर्टों पर भी चर्चा की गई। भारत का आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस का रुख यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब भारत आतंकवाद के प्रति अपनी जीरो-टॉलरेंस की नीति पर लगातार जोर दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 178वें एपिसोड को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रहा है और हम इसके परिणाम देख रहे हैं। पीएम मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ को भी याद किया। सर्जिकल स्ट्राइक ने पूरी दुनिया को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण दिखाया। सर्जिकल स्ट्राइक आतंकवादी हमलों के कारण भारत को लंबे समय से सहनी पड़ रही पीड़ा का हमारा निर्णायक जवाब था। पिछले दशक में बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, भारत ने बार-बार एक स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि आतंकवादी भारत पर बुरी नजर डालने की हिम्मत करेंगे, तो उन्हें करारा जवाब मिलेगा। बिम्सटेक की आगामी गतिविधियां और अध्यक्षता इस बीच, बांग्लादेश के पास वर्तमान में बिम्सटेक की घूर्णन अध्यक्षता है और वह 2027 में एक बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का इरादा रखता है। सितंबर की शुरुआत में बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा था कि बांग्लादेश के पास वर्तमान में अध्यक्षता है और हमारा इरादा 2027 में किसी समय बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का है।