दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए भूपेंद्र यादव का 11 सूत्रीय एक्शन प्लान

दिल्ली और एनसीआर में हर साल सर्दियों में गहराने वाले वायु प्रदूषण के संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने साफ कर दिया है कि केवल प्रशासनिक चर्चाओं से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए जमीन पर ठोस और सक्रिय हस्तक्षेप की जरूरत है। 15 अक्टूबर 2026 को 'आज तक पंचायत राजस्थान' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक विशेष 11-सूत्रीय कार्ययोजना (Action Plan) का खुलासा किया है।
मंत्री यादव का मानना है कि प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या का समाधान आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल में छिपा है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब 13 और 14 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बीच प्रदूषण नियंत्रण की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें हुई थीं। इन बैठकों का मुख्य केंद्र 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' को प्रभावी ढंग से लागू करना था, ताकि आने वाले सर्दियों के मौसम में जहरीली हवा के प्रभाव को कम किया जा सके।
तकनीक और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर
प्रदूषण कम करने की इस रणनीति में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को घटाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। हालिया समीक्षाओं के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए नए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के उद्घाटन और इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में विस्तार की बात सामने आई है। इसके अलावा, सरकार वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले नेटवर्क को और मजबूत कर रही है ताकि सटीक डेटा के आधार पर फैसले लिए जा सकें।
एक बड़ी चुनौती पराली जलाने (Stubble Burning) की रही है, जिसे सुलझाने के लिए अंतर-राज्यीय तंत्र के जरिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। भूपेंद्र यादव ने दोहराया कि हवा की गुणवत्ता में स्थायी सुधार तभी संभव है जब वैज्ञानिक आंकड़ों का उपयोग किया जाए और पूरे क्षेत्र में पर्यावरण प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।