भोला भाई गैंग पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, MCOCA के तहत 21 साल का सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने MCOCA के तहत भोला भाई गैंग के 21 वर्षीय सदस्य सुजल को गिरफ्तार किया है, जो रंगदारी और अपराधों में शामिल था।

राजधानी में संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ अभियान चलाते हुए दिल्ली पुलिस ने भोला भाई गैंग के एक अहम सदस्य को दबोचा है। पुलिस ने भलस्वा डेयरी इलाके के रहने वाले 21 वर्षीय सुजल उर्फ ढेला को गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई है। सुजल उस सिंडिकेट का हिस्सा था जो पार्किंग अटेंडेंट, शराब माफिया और स्थानीय जुआरियों से अवैध वसूली करता था।
इस गैंग का नेटवर्क काफी गहरा है, जिसका नेतृत्व मुकेश उर्फ भोला कर रहा है। इस सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत 7 मार्च 2026 को जहांगीरपुरी थाने में दर्ज एक एफआईआर के बाद हुई थी, जिसमें MCOCA की धारा 3 और 4 लगाई गई थी। पुलिस पहले ही इस गिरोह के मास्टरमाइंड मुकेश को 18 अगस्त को और उसके एक साथी विपिन को 28 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अपराध का तरीका और गैंग का खौफ
जांच में यह बात सामने आई है कि भोला भाई गैंग केवल रंगदारी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके सदस्य हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण और फायरिंग जैसी गंभीर वारदातों में भी शामिल रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग अपने काले कारनामों को अंजाम देने के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल करता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। साथ ही, पीड़ितों को डराने-धमकाने के लिए हथियारों का खुलेआम इस्तेमाल किया जाता था।
हैरानी की बात यह है कि गैंग लीडर मुकेश जेल में होने के बावजूद अपने नेटवर्क के जरिए बाहर चल रहे रंगदारी के धंधे को संचालित कर रहा था।
इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने 27 अक्टूबर को दो पेशेवर चोरों को भी पकड़ा है, जिनमें से एक माया गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने दो MCOCA आरोपियों को पकड़ने में छह साल की देरी पर पुलिस कमिश्नर से जवाब मांगा है और इस लापरवाही की औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल, भोला भाई गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।