BIRC 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में जुटेंगे 150 देशों के खरीदार, तय हुईं 2,038 बिजनेस मीटिंग्स

Kittu Kumari19 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
BIRC 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में जुटेंगे 150 देशों के खरीदार, तय हुईं 2,038 बिजनेस मीटिंग्स

भारतीय चावल उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए दिल्ली में एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक भारत मंडपम में भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस (BIRC) 2026 का आयोजन किया जाएगा। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस ने अभी से दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

इस आयोजन की सबसे बड़ी बात यह है कि दुनिया के 150 से अधिक देशों से खरीदारों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक कुल 4,649 खरीदार पंजीकृत हो चुके हैं और उनके साथ व्यापारिक चर्चा के लिए 2,038 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मीटिंग्स पहले ही शेड्यूल की जा चुकी हैं। इस इवेंट में कुवैत, दक्षिण अफ्रीका, बेनिन, नाइजीरिया, यूएई और सऊदी अरब जैसे प्रमुख चावल आयातक देशों की बड़ी दिलचस्पी देखी जा रही है।

व्यापारिक अवसरों और भविष्य की रणनीतियों पर होगी चर्चा

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कॉन्फ्रेंस में केवल मीटिंग्स ही नहीं होंगी, बल्कि चावल बाजार के भविष्य को लेकर गंभीर मंथन भी होगा। आयोजन के दौरान नौ विशेष नॉलेज सेशन रखे गए हैं, जिनमें वैश्विक मांग और आपूर्ति, शिपिंग लागत, बीमा, सरकारी नीतियों और गुणवत्ता मानकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

एक खास सत्र में "ग्लोबल राइस डिमांड एंड सप्लाई आउटलुक 2027" पर चर्चा होगी, जिसमें विशेषज्ञ यह विश्लेषण करेंगे कि आने वाले समय में कीमतों में गिरावट आएगी या फिर एक नई तेजी (Bull Run) देखने को मिलेगी। साथ ही, इस इवेंट में साल 2027 के लिए उन टॉप 10 बाजारों की सूची भी जारी की जाएगी, जहां भारतीय बासमती और गैर-बासमती चावल के लिए सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं।

IREF के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट देव गर्ग ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में न केवल अंतरराष्ट्रीय खरीदार, बल्कि पूरे भारत से लोगों की भारी भागीदारी है। उन्होंने खास तौर पर जिक्र किया कि रजिस्ट्रेशन कराने वालों में से लगभग 91 प्रतिशत लोग दिल्ली से बाहर के हैं, जो इस आयोजन की व्यापक पहुंच को दर्शाता है।

बता दें कि इस आयोजन का पिछला संस्करण (BIRC 2025) भी बेहद सफल रहा था, जिसमें 90 से अधिक देशों के 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों सहित कुल 10,854 लोग शामिल हुए थे। EY की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले आयोजन से लगभग 33,453 करोड़ रुपये के व्यापारिक वादे हुए थे, जिसमें करीब 86.3 लाख टन चावल शामिल था। उम्मीद है कि 2026 का यह आयोजन पिछले रिकॉर्ड्स को तोड़ते हुए भारतीय चावल निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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