दिल्ली के भारत मंडपम में भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 का आगाज, दुनिया के 153 देशों से जुटे खरीदार

दिल्ली के भारत मंडपम में भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 का आगाज हुआ, जिसमें 153 देशों के खरीदार हिस्सा ले रहे हैं।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली के भारत मंडपम में भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 का आगाज, दुनिया के 153 देशों से जुटे खरीदार

देश की राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम एक बार फिर वैश्विक व्यापार के केंद्र के रूप में उभरा है। यहाँ 23 अक्टूबर 2026 को भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 (BIRC) की शानदार शुरुआत हुई। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 25 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य चावल उद्योग में वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देना और ज्ञान साझा करना है।

इस आयोजन में दुनिया भर से भारी उत्साह देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, कॉन्फ्रेंस के लिए कुल 32,467 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इनमें 153 अलग-अलग देशों से आए 4,856 खरीदार शामिल हैं। विशेष रूप से कुवैत, दक्षिण अफ्रीका, बेनिन, नाइजीरिया, यूएई और सऊदी अरब जैसे बाजारों ने इस इवेंट में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। सिर्फ अंतरराष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि भारत के 23 राज्यों के प्रतिनिधि भी यहाँ मौजूद हैं, जो स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।

व्यापारिक रणनीतियों और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा

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कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शनी क्षेत्र पूरी तरह भरा हुआ है, जहाँ 180 से अधिक कंपनियाँ अपने उत्पादों और क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं। कार्यक्रम के तहत नौ अलग-अलग नॉलेज सेशन आयोजित किए गए हैं, जिनमें 65 विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे। चर्चा का एक मुख्य केंद्र "ग्लोबल राइस डिमांड एंड सप्लाई आउटलुक 2027" है, जिसमें बासमती और गैर-बासमती चावल की कीमतों के उतार-चढ़ाव का विश्लेषण किया जाएगा। इस सत्र में S&P ग्लोबल, बिगमिंट और EY जैसे बड़े संस्थानों के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

IREF के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देव गर्ग ने इस मौके पर जोर दिया कि भारत को अब केवल चावल की मात्रा (वॉल्यूम) बढ़ाने के बजाय उसके मूल्य (वैल्यू) को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वहीं, पंजाब के राज्य अध्यक्ष अमन सिंगल ने बताया कि हालांकि भारतीय चावल की कीमतें वैश्विक औसत से लगभग 10% कम हैं, लेकिन धान की बढ़ती लागत और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां निर्यातकों के लिए दबाव पैदा कर रही हैं।

इस पूरे आयोजन का समापन 25 अक्टूबर को एक 'राइस फेस्टिवल' के साथ होगा। इस फेस्टिवल में ITC होटल्स द्वारा क्यूरेट की गई कुलीन पाक कला गतिविधियाँ होंगी और एक 'ग्लोबल राइस आर्काइव' भी बनाया जाएगा, जहाँ चावल की 200 विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।

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