दिल्ली के भारत मंडपम में भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 का आगाज, 153 देशों के खरीदार जुटे

दिल्ली के भारत मंडपम में BIRC 2026 का आगाज हुआ, जिसमें 153 देशों के खरीदार शामिल होकर भारतीय चावल बाजार को टटोलेंगे।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली के भारत मंडपम में भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 का आगाज, 153 देशों के खरीदार जुटे

देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आज भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस 2026 (BIRC 2026) की शानदार शुरुआत हुई। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय आयोजन भारतीय चावल निर्यातकों और दुनिया भर के खरीदारों को एक मंच पर लाया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए बाजारों की तलाश करना और 2027 तक वैश्विक स्तर पर चावल की कीमतों और मांग का विश्लेषण करना है ताकि उद्योग में मुनाफे को बढ़ाया जा सके।

इस कॉन्फ्रेंस को लेकर उत्साह इतना अधिक है कि अब तक कुल 32,467 पंजीकरण हो चुके हैं। इनमें सबसे खास बात यह है कि 153 अलग-अलग देशों से 4,856 अंतरराष्ट्रीय खरीदार हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध पूरा स्थान लगातार दूसरे साल पूरी तरह बुक हो चुका है, जहाँ 180 से अधिक कंपनियां अपनी क्षमताओं और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।

बिजनेस मीटिंग्स और ग्लोबल मार्केट पर चर्चा

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कॉन्फ्रेंस के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पहले ही 2,038 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मीटिंग्स तय की जा चुकी हैं। IREF के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट देव गर्ग ने बताया कि इस बार का पूरा फोकस सार्थक बिजनेस एंगेजमेंट पर है। कार्यक्रम के दौरान 65 विशेषज्ञ वक्ता 9 अलग-अलग नॉलेज सेशन में अपनी बात रखेंगे।

विशेषज्ञों की नजर अब 2027 के आउटलुक पर है। पहले सत्र में इस बात पर चर्चा होगी कि बासमती और गैर-बासमती चावल की कीमतों में गिरावट आएगी या फिर एक नया 'बुल रन' देखने को मिलेगा। इसके अलावा, दुनिया के उन टॉप 10 चावल बाजारों की पहचान की जाएगी जहाँ 2027 में सबसे ज्यादा संभावनाएं होंगी। चर्चाओं के दायरे में फसल सर्वेक्षण, शिपिंग, क्रेडिट, सरकारी नीतियों और टिकाऊ खेती जैसे महत्वपूर्ण विषय भी शामिल हैं।

इस आयोजन में भारत के 23 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो घरेलू उत्पादन और प्रोसेसिंग केंद्रों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ेंगे। कार्यक्रम में नौ 'एक्सपीरियंस जोन' बनाए गए हैं, जिनमें ग्लोबल राइस आर्काइव भी शामिल है, जहाँ भारत और दुनिया की करीब 200 चावल की किस्में प्रदर्शित की जाएंगी।

इतना ही नहीं, 25 अक्टूबर को एक सार्वजनिक 'राइस फेस्टिवल' का आयोजन भी होगा। इसमें आईटीसी होटल्स द्वारा क्यूरेट की गई पाक गतिविधियां, शेफ प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। गौरतलब है कि 2025 के पहले आयोजन में करीब 33,453 करोड़ रुपये के बिजनेस कमिटमेंट्स हुए थे, जिसने इस साल की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है।

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