दिल्ली में भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी का भव्य आयोजन, उमड़ेगी दुनिया भर के भक्तों की भीड़

राजधानी दिल्ली जल्द ही एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन की गवाह बनने जा रही है। समाज सुधार और महिला जागरण की प्रणेता भगवती देवी शर्मा जन्म शताब्दी के अवसर पर 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक एक तीन दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें भारत के साथ-साथ विदेशों से भी हजारों गायत्री परिजनों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस बड़े आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए हाल ही में दिल्ली के भारत मंडपम में एनसीआर (NCR) क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की एक विशेष बैठक की गई। इस बैठक में शामिल लोगों ने राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने और माताजी के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। यह पूरा कार्यक्रम हरिद्वार स्थित ऑल वर्ल्ड गायत्री परिवार के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय 'शांतिकुंज' के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्र निर्माण और महिला सशक्तिकरण पर जोर
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने कहा कि वर्तमान समय सकारात्मक सामाजिक बदलाव का दौर है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आज की महिलाएं अपनी प्रतिभा और संगठनात्मक शक्ति के दम पर राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की शक्तिशाली एजेंट बन रही हैं और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दे रही हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पंड्या ने इस अवसर के महत्व को समझाते हुए कहा कि माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी, अखंड दीप की शताब्दी और युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की आध्यात्मिक तपस्या की शताब्दी का एक साथ आना समाज के लिए सकारात्मक परिवर्तन का संदेश है। उन्होंने कहा कि यह समय भारतीय पहचान और आध्यात्मिकता को जगाने का है, ताकि आध्यात्मिक चेतना को सार्थक सामाजिक बदलाव में बदला जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि इन महान विभूतियों की शिक्षाओं को व्यवहार में लाया जाए।
इस अवसर पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के एमडी विकास कुमार ने भी नागरिक कर्तव्यों और देशभक्ति के महत्व पर अपने विचार साझा किए। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, सांसद अजय भट्ट और एनसीआर क्षेत्र के 1,000 से अधिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। डॉ. चिन्मय पंड्या ने विशिष्ट अतिथियों को गायत्री महामंत्र चादर भेंट कर सम्मानित किया।