बवाना के 3164 औद्योगिक फ्लैटों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, आवंटन से पहले जांचेगी मजबूती

DSIIDC बवाना के 3164 औद्योगिक फ्लैटों के आवंटन से पहले उनकी मजबूती की जांच करेगा। IIT करेगा रिपोर्ट का वेरिफिकेशन।

Kittu Kumari28 October 20261 min read0 viewsDelhi Local
बवाना के 3164 औद्योगिक फ्लैटों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, आवंटन से पहले जांचेगी मजबूती

दिल्ली के बवाना इलाके में स्थित कम लागत वाले औद्योगिक आवासों (Industrial Housing) के आवंटन की तैयारी अब अंतिम चरण में है। लेकिन इससे पहले दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (DSIIDC) यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ये इमारतें रहने और काम करने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसी मकसद से निगम ने बवाना के 3,164 औद्योगिक फ्लैटों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ये फ्लैट्स कुल 233 ब्लॉकों में बंटे हुए हैं, जिनका निर्माण साल 2008 से 2011 के बीच किया गया था। चूंकि ये इमारतें काफी पुरानी हो चुकी हैं, इसलिए इनकी मजबूती की गहन जांच की जाएगी। इस ऑडिट के दौरान नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग (NDT), कोर कटिंग और कंप्रेसिव स्ट्रेंथ टेस्ट जैसे कड़े तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे, ताकि यह पता चल सके कि ढांचा अभी भी सुरक्षित है या नहीं।

IIT करेगा रिपोर्ट की जांच, देरी पर लगेगा जुर्माना

DSIIDC ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए कड़े नियम तय किए हैं। 24 अक्टूबर को जारी एक आधिकारिक टेंडर के मुताबिक, ऑडिट की फाइनल रिपोर्ट का वेरिफिकेशन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) या उसके समकक्ष किसी सरकारी तकनीकी संस्थान द्वारा किया जाना अनिवार्य है।

इसके अलावा, नगर निगम (MCD) से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) और अन्य जरूरी एनओसी (NOC) प्राप्त करने के लिए 120 दिनों की समय सीमा तय की गई है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि इस प्रक्रिया में 60 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो संबंधित एजेंसी पर पेनल्टी (जुर्माना) लगाई जाएगी। एक बार जब स्ट्रक्चरल सेफ्टी की पुष्टि हो जाएगी और सभी कानूनी मंजूरियां मिल जाएंगी, तब इन यूनिट्स को आधिकारिक तौर पर श्रमिकों के बीच आवंटित कर दिया जाएगा।

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