बारापुल फेज 3 फ्लाईओवर पर लगा भीषण जाम, ट्रैफिक पुलिस ने PWD से कहा- बदलें डिजाइन

दिल्ली के लोगों को सफर आसान बनाने के लिए बनाया गया नया बारापुल फेज 3 फ्लाईओवर उद्घाटन के एक हफ्ते बाद ही मुसीबत बन गया है। सफदरजंग अस्पताल से सराय काले खां के बीच बने इस 8 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच पर ट्रैफिक का ऐसा बुरा हाल है कि वाहन चालकों को एक छोटा सा सफर तय करने में भी एक घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है। करीब 1,635 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट का मकसद मयूर विहार से एम्स तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देना था, लेकिन हकीकत इसके उलट नजर आ रही है।
ट्रैफिक की इस बदहाली को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को एक औपचारिक पत्र लिखा है। पुलिस का कहना है कि सुंदर डायल पार्क के पास फ्लाईओवर के मर्जर पॉइंट (जहां सड़कें मिलती हैं) में गंभीर ढांचागत और ज्यामितीय खामियां हैं, जिन्हें ठीक करना बेहद जरूरी है।
ड्रोन सर्वे में खुला जाम का असली कारण
ट्रैफिक पुलिस ने जब ड्रोन के जरिए इस पूरे इलाके की निगरानी की, तो जाम की असली वजह सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां क्षमता का भारी अंतर है। सुंदर डायल/सराय काले खां और आश्रम/DND की तरफ से आने वाली तीन-तीन लेन की सड़कें जब बारापुल कॉरिडोर से मिलती हैं, तो वहां सड़क सिमटकर सिर्फ दो लेन की रह जाती है।
दक्षिण रेंज के डीसीपी (ट्रैफिक) संदीप गुप्ता ने बताया कि मर्जर पॉइंट पर सड़क का घुमाव सुचारू होने के बजाय एकदम सीधा और आयताकार (rectangular) है, जिसकी वजह से गाड़ियां अचानक रुक जाती हैं और लंबा जाम लग जाता है।
हैरानी की बात यह है कि इस जाम को बढ़ाने में नेविगेशन ऐप्स की भी भूमिका रही। गूगल मैप्स ने नए कॉरिडोर का रियल-टाइम डेटा अपडेट होने से पहले ही बड़ी संख्या में वाहनों को शॉर्टकट के तौर पर इस रास्ते पर भेज दिया, जिससे भीड़ और बढ़ गई। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि गूगल अब अपने डेटा को अपडेट करने पर काम कर रहा है। फिलहाल, PWD पर इस डिजाइन की खामियों को दूर करने और जरूरी बदलाव करने का भारी दबाव है ताकि दिल्लीवासी इस जाम से निजात पा सकें।