बारापुलला फेज-3 पर लगा भारी जाम, ट्रैफिक पुलिस ने मांगा डिजाइन में बदलाव

दिल्ली में सफर को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया बारापुलला फेज-3 अब राहगीरों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर पर ट्रैफिक का ऐसा दबाव देखा गया कि गाड़ियां रेंगने लगीं। स्थिति इतनी खराब हुई कि बारापुलला फेज-3 ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए अब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इसके डिजाइन में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है।
दरअसल, यह तीन लेन का फ्लाईओवर सुंदरियाल पार्क के पास पहुंचकर अचानक दो लेन की सड़क में तब्दील हो जाता है। इसी जगह पर दो अन्य तीन-लेन रूटों का ट्रैफिक भी मिलता है, जिससे एक बड़ा 'बॉटलनेक' बन गया है। नतीजों के तौर पर, गाड़ियां एक ही जगह सिमट रही हैं और लंबा जाम लग रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल से सराय काले खाँ तक की महज 8 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को एक घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है।
ड्रोन सर्वे में सामने आईं खामियां
30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी भीड़भाड़ की खबरें आने के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान ड्रोन सर्वे की मदद ली गई, जिससे यह साफ हो गया कि डिजाइन में बड़ी चूक हुई है। कई लेन का ट्रैफिक अचानक एक संकरी सड़क पर आ रहा है, जिससे ट्रैफिक फ्लो पूरी तरह बिगड़ गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने अब PWD को औपचारिक पत्र लिखकर इस मर्जिंग पॉइंट (मिलन बिंदु) को तुरंत सुधारने की मांग की है। सुझावों में नए साइनबोर्ड लगाने, ट्रैफिक सिग्नलिंग की व्यवस्था करने और जंक्शन के कॉन्फ़िगरेशन को बदलने की बात कही गई है ताकि वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके।
बता दें कि मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खाँ से जोड़ने वाला यह प्रोजेक्ट 2014 में मंजूर हुआ था और करीब 1635 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने 29 सितंबर 2026 को इसका उद्घाटन किया था, लेकिन अब इसे डिजाइन की गलतियों के कारण सुधारने की जरूरत पड़ी है। चर्चा यह भी है कि डिजिटल नेविगेशन ऐप्स द्वारा शॉर्टकट के तौर पर इस रास्ते का सुझाव देने से जाम की समस्या और ज्यादा बढ़ गई है।