'पितृसत्ता खत्म करना सिर्फ राजनीतिक हथकंडा?': JNU प्रोफेसर पर लगे आरोपों पर बंसुरी स्वराज का कांग्रेस पर प्रहार

भारतीय जनता पार्टी की सांसद बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व प्रोफेसर और कांग्रेस के लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजम पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बंसुरी स्वराज ने इन खुलासों को 'रूह कंपा देने वाला' बताया और महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस को पाखंडी करार दिया।
गंभीर आरोप: देर रात घर बुलाना और अभद्र सवाल
बंसुरी स्वराज ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि आरोप बेहद गंभीर और विचलित करने वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सांसद, जो JNU में प्रोफेसर थे, महिला छात्राओं के मूल्यांकन के दौरान उनसे यौन रूप से अनुचित सवाल पूछते थे। इतना ही नहीं, उन पर महिला छात्राओं के साथ अवांछित शारीरिक संपर्क बनाने के भी आरोप लगे हैं।
सांसद ने आगे विस्तार से बताया कि शैक्षणिक मूल्यांकन के नाम पर अनैतिक तरीके से छात्राओं को असामान्य समय पर सांसद के निवास पर बुलाया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक वाइवा परीक्षा रात 11:40 बजे तक चली। इसके अलावा, क्लासरूम के भीतर भी यौन रूप से स्पष्ट और आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप सामने आए हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए बंसुरी स्वराज ने पूछा कि क्या 'पितृसत्ता को खत्म करने' (Smash the Patriarchy) का नारा केवल एक राजनीतिक हथकंडा है? उन्होंने कहा, "कांग्रेस के लिए नारीवाद केवल एक हैशटैग से शुरू होता है और जवाबदेही की दहलीज पर आकर खत्म हो जाता है।"
बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर हैरानी जताते हुए कहा कि ये आरोप मई में ही सामने आ गए थे, लेकिन राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी ने इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे वास्तव में पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं, तो उन 11 महिला छात्राओं के साथ खड़े हों और अंगोमचा बिमोल अकोईजम के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।