1984 सिख नरसंहार: दिल्ली में बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस के खिलाफ किया प्रदर्शन
दिल्ली में 1984 सिख नरसंहार पीड़ितों के परिवारों और भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन किया, बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ितों के परिवारों और भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। सांसद बंसुरी स्वराज और कमलजीत सहरावत के नेतृत्व में यह मार्च गुरुद्वारा बंगला साहिब से शुरू हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बैनर लहराए।
इस प्रदर्शन के दौरान बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1984 में हुए नरसंहार के लिए कांग्रेस पूरी तरह जिम्मेदार है और दशकों तक पीड़ितों को न्याय से वंचित रखा गया। स्वराज ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस को अपराधियों का समूह बताया और आरोप लगाया कि उस समय मासूम लोगों को जिंदा जला दिया गया था, जिसके जख्म आज भी ताजा हैं।
राहुल गांधी और इंडी गठबंधन से जवाबदेही की मांग
बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस की हालिया रैली पर तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी ने 1 नवंबर से शुरू हुए इस नरसंहार को अंजाम दिया, वह माफी मांगने के बजाय रैलियां कर रही है, जिससे पुराने जख्म फिर से हरे हो गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि उनकी सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को रोजगार और उचित मुआवजा प्रदान किया है।
उन्होंने आगे कहा कि अब देश की जनता राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और पूरे 'इंडी' (INDI) गठबंधन से इस मुद्दे पर जवाबदेही मांग रही है। गौरतलब है कि इस विरोध प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले रामलीला मैदान में विपक्षी दलों की एक बड़ी रैली हुई थी, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए थे।