यौन उत्पीड़न के आरोपों पर बंसुरी स्वराज का कांग्रेस पर हमला, राहुल गांधी से मांगा जवाब

भारतीय जनता पार्टी की सांसद बंसुरी स्वराज ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वराज ने कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोईजम पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने इन आरोपों को बेहद विचलित करने वाला बताया और कांग्रेस की महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की बातों को महज दिखावा करार दिया।
बंसुरी स्वराज ने सीधे तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को चुनौती देते हुए पूछा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर उनकी चुप्पी का क्या मतलब है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महिलाओं के अधिकारों को लेकर कांग्रेस के नारे केवल चुनावी जुमले हैं या पार्टी वास्तव में उनके प्रति गंभीर है।
11 छात्राओं ने लगाए थे गंभीर आरोप
यह पूरा विवाद तब गहराया जब 9 अक्टूबर 2026 को जेएनयू ने प्रोफेसर अकोईजम को उनके पद से बर्खास्त कर दिया। विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने यह आदेश जेएनयू की आंतरिक समिति (IC) की सिफारिशों के बाद जारी किया था। समिति ने केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत उन्हें 'कठोर दंड' देने की सलाह दी थी।
अकोईजम के खिलाफ 11 छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। इन आरोपों में शामिल है कि वे देर रात तक वाइवा (viva) आयोजित करते थे, कक्षाओं और परीक्षाओं के दौरान यौन संबंधी आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे, छात्राओं के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क करते थे और मूल्यांकन के दौरान बेहद निजी और अश्लील सवाल पूछते थे।
दूसरी ओर, बर्खास्तगी के बाद अकोईजम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे एक 'विपक्षी साजिश' (witch hunt) बताया है। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय की कार्रवाई में गोपनीयता के नियमों का उल्लंघन किया गया है और उन्हें बर्खास्तगी से पहले जांच रिपोर्ट नहीं दी गई। उन्होंने इस मामले को कानूनी और राजनीतिक स्तर पर ले जाने की बात कही है।
इसी बीच, भाजपा के अन्य नेताओं जैसे हर्ष मल्होत्रा ने भी अकोईजम के कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े रहने पर सवाल उठाए हैं। वहीं मणिपुर में गृह मंत्री गोविंदस कोंथौहम और राज्य भाजपा अध्यक्ष ए शारदा देवी ने औपचारिक रूप से उनकी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफे की मांग की है।