बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार को हरियाणा सरकार की मंजूरी, अब पलवल तक दौड़ेगी मेट्रो

हरियाणा के लोगों के लिए सफर अब और भी आसान होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह मुख्य मंत्री ने बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार की फाइनल फिजिबिलिटी रिपोर्ट को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बड़े फैसले के साथ ही प्रोजेक्ट की Detailed Project Report (DPR) को अब आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को सौंप दिया गया है।
यह महत्वपूर्ण निर्णय हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) की एक बोर्ड बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन, जो फिलहाल राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़) स्टेशन पर खत्म होती है, अब आगे बढ़कर पलवल तक जाएगी।
₹4,500 करोड़ की लागत से बदलेगी कनेक्टिविटी
इस पूरे प्रोजेक्ट की कुछ खास बातें जो यात्रियों के लिए जानना जरूरी हैं:
- दूरी और स्टेशन: यह मेट्रो कॉरिडोर लगभग 25 से 28 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें करीब 10 संभावित स्टेशन बनाए जाएंगे।
- अंतिम स्टेशन: मेट्रो का आखिरी स्टेशन पलवल मिनी सचिवालय परिसर के पास होगा, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि भविष्य में इसे और आगे बढ़ाया जा सके।
- बजट: इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब ₹4,500 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है।
इस परियोजना की नींव जून 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा रखी गई थी। इसके बाद RITES को टेक्नो-फिजिबिलिटी स्टडी का काम सौंपा गया था। प्रशासन का मानना है कि इस विस्तार से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार होगा।
प्रोजेक्ट की रफ्तार को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि 2027 तक इसका निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। साथ ही, पलवल के डिप्टी कमिश्नर को एक 'कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान' (CMP) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मेट्रो के साथ अन्य परिवहन साधनों का बेहतर तालमेल बिठाया जा सके।