आजम खान को PMLA कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, सीधे पहुंचे दसना जेल
गाजियाबाद की PMLA कोर्ट ने सपा नेता आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। जानें क्या है पूरा मामला।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार, 1 नवंबर 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में पेश किया, जहां स्पेशल जज अवनीश कुमार पांडेय ने 78 वर्षीय नेता को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कोर्ट की कार्रवाई के बाद उन्हें सीधे दसना जिला जेल भेज दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि आजम खान की यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह एक अन्य फर्जीवाड़े मामले (दो पैन कार्ड रखने के आरोप) में रामपुर जिला जेल से जमानत पर बाहर आए थे। जमानत मिलते ही ED ने उन्हें दबोच लिया और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़ा है मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
ED साल 2019 से मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी फंड और संसाधनों को ठेकेदारों के जरिए यूनिवर्सिटी के निर्माण और विकास कार्यों में डायवर्ट किया गया। इसी जांच के दायरे में आते हुए ED ने हाल ही में यूनिवर्सिटी से जुड़ी जमीन और इमारतों को प्रोविजनली अटैच किया है। दस्तावेजों के मुताबिक, इन संपत्तियों की बुक वैल्यू 426.46 करोड़ रुपये है, जबकि बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है।
इस पूरी कार्रवाई पर आजम खान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "मुस्लिम होने की सजा" और शैक्षणिक संस्थान बनाने की कोशिशों के खिलाफ एक साजिश बताया है। दूसरी ओर, उनके वकीलों ने इस गिरफ्तारी को असंवैधानिक करार दिया है और स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।