मनी लॉन्ड्रिंग मामला: सपा नेता आजम खान गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में पेश
सपा नेता आजम खान को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया। जानें क्या है पूरा मामला।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को रविवार, 1 नवंबर 2026 को गाजियाबाद की विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) कोर्ट में पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को ही उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया था। दिलचस्प बात यह है कि ED ने यह कार्रवाई ठीक उसी समय की, जब उन्हें रामपुर जिला जेल से रिहा किया गया था, जहां वे दो पैन कार्ड रखने के एक अलग मामले में बंद थे।
यह पूरा मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है। जांच एजेंसी का दावा है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल किया गया और पैसों की हेराफेरी की गई। इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ED ने पहले ही यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को कुर्क कर लिया है, जिनकी बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आजम खान की प्रतिक्रिया
जब आजम खान को कोर्ट परिसर में लाया गया, तो उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "अब कहने को बचा ही क्या है? मैं क्या कह सकता हूं?" आजम खान ने आरोप लगाया कि उनकी पहचान और एक शैक्षणिक संस्थान की स्थापना करने की वजह से उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात रहा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या वहां मौजूद थी ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। वहीं, आजम खान की कानूनी टीम, जिसमें वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल शामिल हैं, अब इस मामले और एजेंसी की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।