भारी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद PMLA कोर्ट में पेश हुए सपा नेता आजम खान
ईडी की हिरासत के बाद सपा नेता आजम खान गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में पेश हुए। मामले में करोड़ों के घोटाले का आरोप है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गाजियाबाद की विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) कोर्ट में पेश किया गया। यह पूरी कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद हुई है। गौरतलब है कि आजम खान को 31 अक्टूबर 2026 को तब हिरासत में लिया गया था, जब वे दो पैन कार्ड मामले में रामपुर जिला जेल से रिहा हुए थे।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए, जहां पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई थी। इस दौरान आजम खान के कानूनी सलाहकार भी अदालत पहुंचे। ईडी अब उन्हें रिमांड पर लेने की मांग कर रही है ताकि वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में उनसे पूछताछ की जा सके। यह पूरा मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ है।
करोड़ों की संपत्ति कुर्क और राजनीतिक साजिश का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी फंड, निर्माण सामग्री और मिलने वाले दान का इस्तेमाल गलत तरीके से जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को विकसित करने के लिए किया गया। ईडी ने अब तक विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को कुर्क किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एजेंसी का दावा है कि इनमें से 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है।
दूसरी ओर, आजम खान ने इन सभी कानूनी कार्रवाइयों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, "अब कहने को क्या बचा है? यह एक मुस्लिम होने की सजा है। मेरी गलती सिर्फ इतनी है कि एक मुसलमान ने छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी और स्कूल बनाया।"