अयोध्या रामलीला का वैश्विक धमाका: 50 देशों के 62 करोड़ लोगों ने देखा डिजिटल प्रसारण

अयोध्या रामलीला ने डिजिटल दुनिया में तहलका मचाते हुए 50 देशों के 62 करोड़ दर्शकों का रिकॉर्ड बनाया है। जानिए कैसे हुआ यह कमाल।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsNational
अयोध्या रामलीला का वैश्विक धमाका: 50 देशों के 62 करोड़ लोगों ने देखा डिजिटल प्रसारण

राम नगरी अयोध्या की भव्य रामलीला ने इस बार डिजिटल दुनिया में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। अयोध्या रामलीला व्यूअरशिप रिकॉर्ड की बात करें तो इस सिनेमाई प्रस्तुति को दुनिया भर के 50 से ज्यादा देशों में करीब 62 करोड़ लोगों ने देखा है। दिल्ली और मुंबई के 250 से अधिक फिल्म कलाकारों की शानदार एक्टिंग और आधुनिक तकनीक के संगम ने इस आयोजन को एक वैश्विक उत्सव में बदल दिया है।

इस पूरी परियोजना को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और प्रयासों से एक अंतरराष्ट्रीय मंच मिला। आयोजन समिति के अनुसार, इस रामलीला को 'आराधना' नाम से प्रसारित किया गया, जिसे देखने के लिए दुनिया भर के लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उमड़ पड़े। इस प्रसारण को खास बनाने के लिए 8K रेजोल्यूशन का इस्तेमाल किया गया और दर्शकों की सुविधा के लिए इसे 12 अलग-अलग भाषाओं में सबटाइटल्स के साथ पेश किया गया।

तकनीक और निवेश ने बनाया डिजिटल रिकॉर्ड

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इस भव्य आयोजन को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश केवल लाइव टेलीकास्ट पर किया गया। इसे टाटा प्ले, शेमारू मी, वीआई ऐप और एयरटेल जैसे 17 प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीम किया गया। अकेले शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल पर ही आठ करोड़ से ज्यादा व्यूज आए, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।

अगर हम इसके सफर पर नजर डालें, तो 2020 में जब पूर्व पर्यटन और संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने इसकी शुरुआत की थी, तब इसके दर्शकों की संख्या 16 करोड़ थी। इसके बाद यह आंकड़ा लगातार बढ़ता गया:

  • 2021 में 20 करोड़ दर्शक
  • 2022 में 25 करोड़ दर्शक
  • 2023 में 40 करोड़ दर्शक
  • 2024 में 41 करोड़ दर्शक

इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि अयोध्या की यह रामलीला अब सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक बड़ा डिजिटल स्पेक्टेकल बन चुकी है, जिसने अपनी भव्यता से वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।

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