अरबिंदो कॉलेज में हिंदी भाषा के रोजगारोन्मुखी अवसरों पर चर्चा, डिजिटल मीडिया में बढ़ी मांग

दिल्ली विश्वविद्यालय के अरबिंदो कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा 28 सितंबर, 2026 को 'हिंदी पखवाड़े' के हिस्से के रूप में एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा में विशेषज्ञता रखने वाले छात्रों के लिए रोजगार के बढ़ते अवसरों को लेकर चर्चा करना था।
- प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया कि हिंदी अब केवल शैक्षणिक या साहित्यिक pursuit नहीं रही, बल्कि करियर विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
- इंटरनेट और डिजिटल मीडिया के विस्तार ने हिंदी भाषा के लिए वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएंएं खोल दी हैं।
- छात्रों के लिए मीडिया, फिल्म निर्माण, अनुवाद सेवाओं, थिएटर, रेडियो प्रसारण, सोशल मीडिया प्रबंधन, क्रिएटिव राइटिंग, वेब पत्रकारिता और फिल्म पटकथा लेखन जैसे क्षेत्रों में करियर के विकल्प मौजूद हैं।
डिजिटल युग में हिंदी के अवसर
हिंदी विभाग के प्रोफेसर हंसराज सुमन ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल मीडिया के उदय ने हिंदी के लिए नए वैश्विक अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने छात्रों को उन आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी, जिससे वे इन क्षेत्रों में अपना करियर बना सकें।
दिल्ली सरकार की औद्योगिक नीति
यह शैक्षणिक पहल 26 सितंबर, 2026 को दिल्ली सचिवालय में आयोजित 'उद्यम संवाद 2026' के बाद आई है। इस दौरान दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने उद्यमियों के साथ सीधे संवाद कर औद्योगिक विकास, व्यापार प्रक्रियाओं केsimplification और नौकरी के अवसरों के सृजन पर चर्चा की।
दिल्ली सरकार ने स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। प्रशासन वर्तमान में दो प्रमुख नीति प्रस्तावों, दिल्ली औद्योगिक नीति 2026-2036 और दिल्ली स्टार्टअप नीति 2026-2031 पर काम कर रहा है, ताकि शहर के युवाओं के लिए औद्योगिक विस्तार और रोजगार के अवसरों को बढ़ाया जा सके।