गुरुग्राम: कांग्रेस रैली पर ट्रेड एसोसिएशन की मांग राजनीति से प्रेरित, अशोक बुवानीवाला ने साधा निशाना
अशोक बुवानीवाला ने दिल्ली ट्रेड एसोसिएशन द्वारा कांग्रेस रैली रद्द कराने की मांग को राजनीति से प्रेरित बताया और व्यापारियों की बदहाली का मुद्दा उठाया।

दिल्ली में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को रद्द करने की मांग पर अब विवाद शुरू हो गया है। दिल्ली ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा की गई इस मांग को राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित करार दिया है। बुवानीवाला का कहना है कि यह संगठन केवल दिखावा कर रहा है और वास्तव में व्यापारियों के हितों की चिंता नहीं करता।
मंगलवार को जारी एक कड़े बयान में अशोक बुवानीवाला ने आरोप लगाया कि बीजेपी के समर्थन से चलने वाली ट्रेड एसोसिएशन को वे नियम और कानून दिखाई नहीं देते, जो व्यापारियों के खिलाफ लागू किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीजेपी सरकार के मंत्री दिवाली से पहले देशभर में रोड शो करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे व्यापार और भी ज्यादा प्रभावित होगा, तब यह संगठन चुप क्यों रहता है?
व्यापारियों की बदहाली और सरकार की नीतियां
बुवानीवाला ने पिछले बारह वर्षों की आर्थिक नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी, जीएसटी की जटिलताओं और ऑनलाइन कंपनियों को मिली खुली छूट ने देश के छोटे, खुदरा और कुटीर उद्योगों को तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश का व्यापारी कर्ज, महंगे लाइसेंस और इंस्पेक्टर राज के बोझ तले दबा हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के व्यापारी इस समय भारी-भरकम चालान, जीएसटी नोटिस और बिजली के बढ़ते बिलों से बुरी तरह जूझ रहे हैं। ऐसे में किसी ठोस मुद्दे पर बात करने के बजाय, सत्ता पोषित संगठन का कांग्रेस की रैली को रुकवाने के पीछे पड़ना उनकी असली मंशा को दर्शाता है। बुवानीवाला के अनुसार, जब फैसले ही व्यापारियों के पक्ष में नहीं हो रहे, तो ऐसे संगठनों द्वारा व्यापारियों की चिंता करना महज एक ढोंग है।