पंजाब में AAP MLA का निलंबन: आशीष सूद ने कहा- शासन के दावों की खुली पोल

दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब यूनिट द्वारा उनके ही एक विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को निलंबित करने के मामले पर तीखा हमला बोला है। आशीष सूद का कहना है कि जब पार्टी का अपना विधायक अपने क्षेत्र के स्कूलों की बदहाली पर दुख जता रहा है, तो यह साफ जाहिर करता है कि AAP का तथाकथित 'गवर्नेंस मॉडल' पूरी तरह खोखला है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मौर के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार सरकार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से खाली पदों को भरने और स्कूलों की इमारतों के निर्माण की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मैसरखाना ने तो यहां तक कह दिया कि जिस स्कूल में उनके अपने बच्चे पढ़ते हैं, वहां की स्थिति चिंताजनक है, जो सरकार के शिक्षा सुधार के दावों पर सवाल खड़े करती है।
पार्टी ने लगाया अनुशासनहीनता का आरोप
विधायक के इस खुलासे के बाद आम आदमी पार्टी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुखवीर सिंह मैसरखाना को 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' और 'अनुशासनहीनता' के आरोप में प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। इसी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए आशीष सूद ने कहा कि AAP असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग पैंतरे अपनाती है, लेकिन अपने ही विधायक के बयानों ने उनकी असलियत उजागर कर दी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली में भी इसी तरह का मॉडल फेल हुआ था।
इस घटना ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां बीजेपी और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं AAP अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए इसे केवल अनुशासन का मामला बता रही है। हालांकि, एक विधायक का अपने ही क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना अब राज्य सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया है।