मंत्री आशीष सूद ने 2020 के दिल्ली दंगों में AAP लीडरशिप पर लगाए गंभीर आरोप, साजिश का किया दावा

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंत्री आशीष सूद ने Aam Aadmi Party की लीडरशिप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2020 के North-East Delhi riots के पीछे एक गहरी साजिश थी, जिसे पार्टी नेताओं ने नजरअंदाज किया। मंत्री आशीष सूद ने दावा किया कि यह हिंसा तब के अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के दौरे के दौरान भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए रची गई थी। उन्होंने संजय सिंह और अमानतुल्लाह खान जैसे senior AAP नेताओं पर पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को political protection देने का आरोप लगाया, जिसे Intelligence Bureau के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हुई है।
हिंसा की टाइमलाइन और 'पॉलिटिकल टूलकिट' का खुलासा
आशीष सूद ने घटनाओं का chronological timeline पेश करते हुए दावा किया कि शरजील इमाम और उमर खालिद के भाषणों का मकसद इस हाई-प्रोफाइल international visit के दौरान भीड़ जुटाना था। उन्होंने पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल के दोषियों को सजा देने वाले बयानों और अमानतुल्लाह खान द्वारा ताहिर हुसैन के public defense की तुलना करते हुए इसे पार्टी का पाखंड बताया। मंत्री ने पांच चरणों वाला एक 'पॉलिटिकल टूलकिट' भी बताया, जिसमें नैरेटिव बिल्डिंग, मोबिलाइजेशन, कोऑर्डिनेशन, प्रोवोकेशन और विक्टिमहुड शामिल था, जिसका इस्तेमाल अशांति को सही ठहराने के लिए किए जाने का आरोप लगाया गया।
हिंसा का बढ़ता दायरा और जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास रोड ब्लॉक
हिंसा के escalation की पूरी डिटेल देते हुए सूद ने बताया कि 22-23 फरवरी 2020 को Jaffrabad Metro Station के पास road blockades शुरू हुए थे। इसके बाद 24 फरवरी को बड़े पैमाने पर arson और attacks हुए, जिसमें Head Constable रतन लाल की जान चली गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा लीडरशिप के तहत सरकार दिल्ली को राष्ट्रीय स्थिरता को कमजोर करने वाली ऐसी किसी भी political conspiracies का शिकार नहीं बनने देगी।