CEC के खिलाफ प्रदर्शन: अरविंद केजरीवाल और नेहा बोरा हिरासत में, दिल्ली में भारी तनाव

देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को उस वक्त माहौल गरमा गया जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और AISA की नेता नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह पूरा घटनाक्रम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग जंतर मंतर की ओर मार्च कर रहे थे।
हिरासत में लिए जाने के बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उनके साथ संजय सिंह भी नजर आए। केजरीवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि देश का युवा अब जाग चुका है और वह मोदी सरकार की 'तानाशाही' से डरने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना होगा, क्योंकि अब लोग वोटों की चोरी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने घरों से बाहर निकलें और देश को बचाने की लड़ाई में शामिल हों।
हजारों प्रदर्शनकारी हिरासत में, एयरपोर्ट से ही शुरू हुई कार्रवाई
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों को निवारक हिरासत (preventive custody) में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस जमावड़े के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी। कार्रवाई इतनी सख्त थी कि मुंबई से आए CJP कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके साथियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरते ही हिरासत में ले लिया गया।
वहीं, AISA की नेता नेहा बोरा ने भी अपनी हिरासत की पुष्टि की। उन्होंने युवाओं (Gen Z) को संबोधित करते हुए इसे 'अपना 1942' बताया और कहा कि जेलें कुछ लोगों को रोक सकती हैं, लेकिन पूरे आंदोलन को नहीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सफदरजंग फ्लाईओवर पर इकट्ठा होने और जहां भी पुलिस रोके, वहीं धरने पर बैठने की अपील की।
इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए इसे 'विनाशकाले विपरीतबुद्धि' की स्थिति बताया और सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना की।