दिल्ली में आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस शुरू, शुक्रवार को आएगा नया लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन

देश की सुरक्षा व्यवस्था और सेना की तैयारियों को लेकर दिल्ली में भारतीय सेना की अर्धवार्षिक आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हो गई है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई यह तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक सेना की परिचालन तैयारियों और बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित है। आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में सेना के शीर्ष नेतृत्व, कमांडर्स-इन-चीफ और प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर्स हिस्सा ले रहे हैं, ताकि सेना की क्षमताओं के विकास और बदलाव की योजनाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया जा सके।
रक्षा मंत्री करेंगे लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन का विमोचन
इस सम्मेलन का सबसे अहम पड़ाव शुक्रवार, 23 अक्टूबर को होगा, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री नए लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन (Land Warfare Doctrine) को जारी करेंगे। यह डॉक्ट्रिन भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना के लिए एक रणनीतिक ढांचे के रूप में काम करेगा, जिससे सेना को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके।
सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन एस राजा सुब्रमण्यन, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव समकालीन सुरक्षा मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।
इस आयोजन में केवल रणनीतिक चर्चा ही नहीं, बल्कि उपलब्धियों को भी सराहा जाएगा। रक्षा मंत्री वार्षिक यूनाइटेड नेशंस जर्नल का विमोचन करेंगे और संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले भारतीय सैन्य कर्मियों को पुरस्कार देंगे। इसके अलावा, पर्यावरण स्थिरता के लिए 'ग्रीन मिलिट्री स्टेशन्स' और 'एविएशन फ्लाइट सेफ्टी' के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस पूरी समिट का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना को तकनीकी रूप से एकीकृत और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार एक सक्षम बल बनाना है।