1 नवंबर के प्रदर्शन पर राहुल गांधी को मेघवाल का जवाब, कहा- 'बिल्कुल संवेदनहीन हैं'
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 1 नवंबर को राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को संवेदनहीन बताया और सिख समुदाय व व्यापारियों का हवाला दिया।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मेघवाल ने 1 नवंबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के राहुल गांधी के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे बेहद संवेदनहीन बताया है। उनका कहना है कि इस तारीख का चयन करते समय सिख समुदाय की भावनाओं और दिवाली के समय व्यापारियों की समस्याओं की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
सिख समुदाय की भावनाएं और व्यापारियों का नुकसान
मीडिया से बात करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने याद दिलाया कि 1 नवंबर दिल्ली के लिए एक बहुत ही संवेदनशील तारीख है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1 नवंबर को दिल्ली में सिख समुदाय के खिलाफ व्यापक हिंसा हुई थी और भारी खून-खराबा हुआ था। मंत्री ने सवाल उठाया कि जब यह दिन इतना दुखद और संवेदनशील है, तो राहुल गांधी ने प्रदर्शन के लिए इसी तारीख को क्यों चुना? उन्होंने दावा किया कि सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी से मिलकर तारीख बदलने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
इसके अलावा, मेघवाल ने व्यापारियों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि दिल्ली के 50 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने लिखित में आवेदन दिया और व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। व्यापारियों का डर है कि दिवाली की खरीदारी के सीजन में लाखों लोगों की भीड़ से बाजारों में व्यवधान आएगा, जिससे दुकानों को बंद करना पड़ सकता है और ग्राहक थोक बाजारों तक नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्यों आम जनता और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग और अन्य मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, तो उन्हें सड़कों पर ले जाना गलत है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट में याचिका के जरिए पहुंचा जाता है, न कि प्रदर्शनों के जरिए। मेघवाल ने यह भी आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के आचरण पर कई बार फटकार लगाई है, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया है।